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सोमवार, 30 जनवरी 2023

मेरी प्रीत का कोई मोल न लगाना

#शीर्षक- मेरी प्रीत का कोई मोल न लगाना 

प्रीतम प्रिय प्यारे 

मेरी प्रीत का कोई मोल न लगाना 

कभी छोड़ मत जाना मैं बालक नादाना 

मेरी प्रीत का कोई मोल न लगाना ................. 

मेरा ज्ञान ध्यान अधूरा

मोहे दीजिए संतजना की धूलि, मेरी आसा कर दो पूरी 

मेरी प्रीत का कोई मोल न लगाना............................ 

मैं मेरी का मोही लग गया रोग ,मीठे लगते माया भोग 

भक्ति योग मैं दिया भुलाई अब कैसे पाऊं तेरी शरणाई

मेरी प्रीत का कोई मोल न लगाना............................

मति मलीन होई मोरी , दूजा भाव में सब जन्म खोई 

दीन दयाल अब कृपा तुम धारी , मोहे पापी की बेड़ी पार उतारी 

मेरी प्रीत का कोई मोल न लगाना............................


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 


मेरे मीत

 मेरे मीत प्यारे चिंता हरो हमारी

गणिका शुक पढ़ावत तारी 

कलयुग में केवल प्रभु नाम सुखकारी 

बाकी सब कर्म बंधनकारी 


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 

शुक्रवार, 27 जनवरी 2023

हम बालक अनजान

 #शीर्षक -  हम बालक अनजान 

हम बालक अनजान 

तूं ही दे मालिक अच्छे बुरे का ज्ञान

मैं नादान, अल्प मति 

मेरा लगता नहीं तुझे में ध्यान

मेरा मन बहुत शैतान 

मुझे भूला देता है तेरा नाम 

मैं जानता हूं तुम  ही हो मुक्ति के धाम 

‌ स्वयं ही कर‌वा लो अपना निज काम 


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 



बुधवार, 25 जनवरी 2023

आओ भारतवर्ष की महिमा का गान‌ गाते हैं

 शीर्षक - आओ भारतवर्ष की महिमा का गान‌ गाते हैं 

आओ हम सब मिलकर भारतवर्ष की महिमा का गान‌ गाते हैं 

आओ हम सब मिलकर भारतवर्ष की .........….................

देश की आजादी  के लिए मर मिटने वालों को,

 अपने श्रद्धासुमन चढ़ाते हैं 

आओ हम सब मिलकर भारतवर्ष की .........….................

भारत के कण कण में बसने वाली प्रेम प्यार की  सुगंध से , 

खुद को महकाते हैं

आओ हम सब मिलकर भारतवर्ष की .........….................

दया, क्षमा, प्रेम भाव से सबको अपना बनाते हैं, 

भेदभाव की दीवारों को हमेशा के लिए गिराते हैं 

आओ हम सब मिलकर भारतवर्ष की .........….................

देश की एकता को कमजोर बनाने वालों को, 

बाहर का राह दिखाते हैं 

आओ हम सब मिलकर भारतवर्ष की .........….................

देश की आन बान शान कायम रखने की सौगंध खाकर,

भारतवंशी होने का हम सब कर्तव्य निभाते हैं 

आओ हम सब मिलकर भारतवर्ष की .........….................


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 





मेरा देश मेरा मान

 #शीर्षक - मेरा देश मेरा मान 

मेरा देश मेरा मान है

 कुर्बान इसके लिए मेरे प्राण है 

प्यारी मुझे इसकी शान‌ है

 यही मेरी जिंद जान है 

मेरा भारत देश गुणों की खान है

 करता आया  सबको ज्ञान का दान है 

चारों दिशाओं में फैलाया इसने ज्ञान है 

मेरा हिंदुस्तान बहुत महान है 

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 






मंगलवार, 24 जनवरी 2023

सतगुरु की आरती

 #शीर्षक-  सतगुरु की आरती 

सतगुरु जी तेरी जय हो, सतगुरु जी तेरी जय हो 

तुम हो सब ज्ञान के ज्ञाता, तुम सबके पित माता 

सब मैल तुम गंवाते , सब तीर्थ तुम में ही समाते 

मानुष जन्म सफल बनाते, अपना नाम आप ही जपाते

दुख दर्द निकट नहीं आते , तेरी शरण में सुख ही सुख पाते 

भजन सिमरन के तुम ही दाते , तुम ही सेवा सिमरन सत्संग में लगाते

सतगुरु जी की आरती जो जीव सुरति से गाते, वो ही मुक्ति पाते 

सतगुरु जी तेरी जय हो, सतगुरु जी तेरी जय हो 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 


सचखंड

 #शीर्षक - सचखंड 

सतगुरु तेरा देश की बात बड़ी निराली

नाम लेते ही चढ़ जाती नाम की लाली 

आनंद ही आनंद दुख दर्द जाता जाली

ऐसी हमारी संभाल करता जैसे बगीचे की माली 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 


कर्मबंधन

 #शीर्षक- कर्मबंधन 

मेरे राम, कर्मबंधन दीजिए काट 

मैं दुखयारी ,मैं अवगुणयारी मेरा जन्म दीजै संवार 

मेरे राम, कर्मबंधन दीजिए काट..........................

आन सब थाह मैंने भूलाये, 

मन‌ चित में तुझे लिए बसाये 

मेरे राम, कर्मबंधन दीजिए काट..........................

पांच बैरियन से लिया छाडये

ऐसा बड़ा तेरा उपकार

मेरे राम, कर्मबंधन दीजिए काट..........................

हर श्वास में बस गया तेरा नाम 

अब लें चलो मोही अपने धाम

मेरे राम, कर्मबंधन दीजिए काट..........................

भ्रमजाल का कर दिया नाश 

सब में ओर दिखता तेरा प्रकाश 

मेरे राम, कर्मबंधन दीजिए काट.......................... 

तेरी शरण में सकल सुख पाया

सतगुरु संग मानुष चोला सफल बनाया

मेरे राम, कर्मबंधन दीजिए काट..........................


स्वरचित एवं मौलिक

   अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 


 






सोमवार, 23 जनवरी 2023

आत्मविश्वास

  #शीर्षक - आत्मविश्वास

संघर्ष भरे राहों में आत्मविश्वास को जगा लो 

कठिनाइयों ,मुश्किलों को बुलंद हौसलों से हरा लो 

आत्मविश्वास से हर लक्ष्य को पा लो 

परिश्रम के संग मंज़िल को पास बुला लो 

आत्मविश्वास के संग हर समस्या से पीछा छुड़ा लो 

श्रम का गहना पहनकर हर मार्ग को सरल बना लो 

मंजिल पाने की कुंजी आत्मविश्वास को जगा लो 

आत्मविश्वास के संग सभी डरो को भगा लो


स्वरचित एवं मौलिक 

   अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 




शनिवार, 21 जनवरी 2023

मेरे माधवे तुम जैसा दयाल ना कोई

 शीर्षक- मेरे माधवे तुम जैसा दयाल ना कोई 

मेरे माधवे तुम जैसा दयाल ना कोई 

सकल मल हम तुम संग खोई

मेरे माधवे तुम जैसा दयाल ना कोई ...................

मन मेरा निंदा का भार उठाई

तेरी सोहबत में निंदा दे छड़ाई

मेरे माधवे तुम जैसा दयाल ना कोई ...................

पांच विकार के संग चित अति कठोर होई

पांच बैरी तुम संग निकट न आई 

मेरे माधवे तुम जैसा दयाल ना कोई ...................

सबसे बड़ी तेरी अतुल्य बड़ाई

लोक परलोक के सब सुख तेरी शरणाई

मेरे माधवे तुम जैसा दयाल ना कोई ...................


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला: सांबा, जम्मू कश्मीर 



मंगलवार, 17 जनवरी 2023

बड़े मेरे साहिबा

 #शीर्षक -  बड़े मेरे साहिबा 

बड़े मेरे साहिबा  ,तेरा अंत न पाया कोई

सब जग तेरा पसारा , सब में तूं बसे न्यारा 

बड़े मेरे साहिबा............................ 

गुण अवगुण न विचारता, सबको संभालता 

पापियों को भी तारता, सबके दिलों की जानता 

बड़े मेरे साहिबा............................ 

दुख दर्द में बनता सहारा, ऐसा कृपालु दयालु स्वामी हमारा 

मुश्किलों परेशानियों से बचाता, सारे संकटों से एक क्षण में उबारा

बड़े मेरे साहिबा............................ 

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा, जम्मू कश्मीर 






शनिवार, 14 जनवरी 2023

राम रहीम अल्लाह वाहेगुरु गॉड

 #शीर्षक - राम रहीम अल्लाह वाहेगुरु गॉड 

राम रहीम अल्लाह वाहेगुरु गॉड सब तेरे नाम 

सबको प्रेम प्यार कर दान ,

ऐसी कृपा कर मेहरबान , आठों पहर जपूं तेरा नाम 

लड़ाई झगडे नफरत का मिट जाए नाम , सब ओर दिखे

 सतनाम

 तेरी रचना सारा जहान, तेरे रखें सबने भिन्न भिन्न नाम 

क्यों भूल गए संतों का ज्ञान, मन में छा गया अज्ञान 

असली धर्म की सबको करा दे पहचान, इंसान को बना दे फिर से इंसान 

हम तेरे बच्चे हैं भगवान, क्षमा कर दो मेहरबान आज भी हम बहुत नादान 

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 



गूढ़ रंग

 #शीर्षक -  गूढ़ रंग 

गूढ़ा रंग हरि का नाम का, रंग दो सतगुरु देव 

तन मन धन से सेवा करूं, मिट जाए जीवन के सब क्लेश

नाम रंग लागा बडभागी, जाकी लिव तुम संग लागी 

तेरे दरस को तरसे देवी देव , तेरी‌ रहमत से पाई मानस देह 

जीवन को दे संवार, तेरी कृपा से ही मिलता मुक्ति का द्वार 

सेवा सिमरन सत्संग का दो दान , तूं दाता मेहरबान 



स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा,  जम्मू कश्मीर 

शुक्रवार, 13 जनवरी 2023

मोही क्यों बिसरे तेरा नाम

 #शीर्षक - मोही क्यों बिसरे तेरा नाम 


मोही क्यों बिसरे तेरा नाम ,जो है सब सुखों का धाम 

तेरा नाम मेरी लाज बचाई , सारे  सुख प्रभ जी तेरी शरणाई

सांस सांस तूं संभालता , सब जीवों को तूं ही पालता 

दुख दर्दों में तूं देता सहारा , तूं लगता है सबसे प्यारा


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 

गुरुवार, 12 जनवरी 2023

तेरा प्रीत प्यार मालिक

 शीर्षक - तेरा प्रीत प्यार मालिक 

तेरा प्रीत प्यार मालिक मैं सदा सदा तेरे बलिहारो

मैं अवगुण को जैसे भी तूं तार 

मेरे प्रीतम, तूं ही यार मेरा 

लोक परलोक में सहारा तेरा 

हे अगम अपार मुझ मूर्ख पर दया कर 

जन्म मरण के बंधन हर  

मेरे रोम रोम में सेवा भाव जागृत कर  

अपने सिमरन प्रताप से मेरी भवबांधा हर  

स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 

 


बुधवार, 11 जनवरी 2023

हीरे जैसा मानस जन्म

 #शीर्षक - हीरे जैसा मानस जन्म 

हीरे जैसा मानस जन्म कदर कर ले गंवार

अमूल्य श्वासो को क्यों करता हैं बर्बाद 

कलयुग में केवल राम नाम है तत सार

बिना नाम के सब कर्म है बेकार 

नाम सिमरन से खुलता दसवां द्वार

नाम धुन ही करती भवसागर से बेड़ा पार 

बिना पूर्ण सतगुरु के कोई न पाता तार 

बेमुख होकर सतगुरु से मानव जन्म होता ख़्वार 

गुरु संगति में रहकर शुद्ध होता आचार 

सतगुरु अनमोल वचन से जीवन में आता बहुत सुधार 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला 

मैं मेरी बहुत बड़ी बिमारी

 शीर्षक - मैं मेरी बहुत बड़ी बिमारी 

मैं मेरी बहुत बड़ी बिमारी, 

खा गई दुनिया सारी 

भूल गए सब रिश्तेदारी , 

मुसीबत बन‌ गई बहुत भारी 

सब रिश्ते बन गए लोकाचार,

 कोई नहीं करता एक दूसरे से प्यार

मस्तिष्क भी हो गया बीमार,

 तोड़ दिए रिश्तों के तार 

दिल से मिट गया प्यार, 

मैं मेरी में उलझ गया संसार 

मैं मेरी का मन‌ में उपज गया भाव ,

 धन दौलत ऐसा पड़ा बुरा प्रभाव


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 



प्रीतम का देश

 #शीर्षक - मेरे प्रीतम का देश

मेरे  प्रीतम का देश , वहां होता नहीं कभी दुख क्लेश 

मिट जाते बुरे कर्मों के लेख, हो जाता महा सुख का जीवन‌ में प्रवेश 

वो है देरवेशों का दरवेश,  सबसे अलग उसका वेश 

प्रेम, प्यार उसका भोग साधु संत कहते नित रोज 

मनुष्य जन्म को सफल बनाता , सृष्टि का कण कण उसको गाता 

वो ही सबका पित और माता , सारा ब्रह्माण्ड अपने हुक्म से चलाता 

अपनी कृपा से अपने में मिलाता, पूर्ण गुरु की संगत करवाता 

शब्द सुरति  की विधि सिखाता, संसार के दुखों से मुक्ति है दिलाता 

ऐसे प्रीतम का साथ बडभागा पाता , तन मन धन से सेवा कमाता 

मनुष्य जन्म को सफल बनाता, गुरु महिमा द्वारा जन्मों जन्मों की मैल गंवाता 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 





मंगलवार, 10 जनवरी 2023

शीत लहर

#शीर्षक - शीत लहर 

शीत‌ लहर का महा प्रकोप

 दुबककर बैठ गए सारे लोग 

ठंडा ठंडा पानी सबको डराता 

हर कोई नहाने से घबराता

कपड़ों से ढका रहता हमेशा तन 

पानी से परहेज़ करने को कहता मन 

धुंध कोहरा सर्दी को बढ़ाता

सर्दी से बचने के लिए रजाई से मोह पड़ जाता 

हवा का छोटा सा झोंका भी शरीर में कंपकंपी लगाता 

सर्दी से बेहाल हो होकर चाय की बार बार चुस्कियां लगाता 

बिस्तर से उठना बहुत बड़ा काम बन जाता 

काम काज से हर कोई जी चुराता 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला सांबा, जम्मू कश्मीर 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 





तूं दिलदार मेरा

 #तूं दिलदार मेरा

तूं दिलदार मेरा तूं सच्चा यार मेरा 

हरदम रखता ख्याल मेरा 

मेरे हृदय अंतर में लगा दो फेरा 

सुरत नयन से दिखा दो अपना सुंदर रूहानियत भरा चेहरा 



स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 


सोमवार, 9 जनवरी 2023

बिरहा विच मैनू न जला सजना

 #बिरहा विच मैनू न जला सजना

बिरहा विच मैनू न जला सजना 

तेरे बिन कोई न बेली मेरा है न सजना

अंखियां दें हंजू बग  बग टुरदे 

नयन मेरे तेरियां राह देखदे नेई थकदे 

इनां नयना दी प्यास बुझा 

अंतर आत्मा विच अपना सोहना दरस दिखा 

उम्र मेरी गुजरदी जावै काल मेरे सिरहाने आ खड़ा ऐ 

अपनी दया दा इक चमत्कार दिखा ,

इनां नयनों नूं अपना सोहना मुखड़ा दिखा 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 



उठ चला संसार से

 #उठ चला संसार से 

उठ चला संसार से , क्या कर्म कमा गया 

व्यर्थ ही अपने अमूल्य श्वासों का गंवा गया

जिस करनी के लिए आया था

उसे क्यों भूला दिया

कर्म रूपी भूमि पर पापों के बीज लगा गया

जो बीजेगा बीज तैसा फल पाएगा 

कर्मों  के कारण जन्म मरण का चक्र, कभी खत्म ना हो पाएगा 

अपनी करनी का फल तुझे बहुत रुलाएगा 


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 





रविवार, 8 जनवरी 2023

मेरा मित्र प्यारा कभी ना जाता छोड

 #मेरा मित्र प्यारा कभी ना जाता छोड 

मेरा मित्र प्यारा कभी ना जाता छोड 

चाहे जीवन में जैसे भी आए मोड़ 

तूं दाते देता मुझे जी खोल

तेरी रहमतों का कोई नहीं दे सकता मोल 

सबसे मीठे लगते तेरे बोल 

तेरा नाम जग में अनमोल

अंतर में बजते ढोल

तेरी बोली है अबोल 



स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला -  सांबा , जम्मू कश्मीर 

आओ सपने साकार बनाते हैं

 #आओ सपने साकार बनाते हैं 

आओ सपने साकार बनाते हैं

खोई हुई उम्मीदों को पुनः जगाते हैं 

रास्ते की कठिनाइयों को बुलंद हौसलों से हराते हैं 

बुझे हुए दीपकों को रोशनी दे आते हैं 

किस्मत का रोने वालों को कर्मों का महत्व बताते हैं

जीवन के पथ पर सफलता चाहने वाले को, परिश्रम का महत्व बतलाते हैं

हिम्मत लग्न से मंजिल को पाने का महामंत्र सिखलाते है 

अधूरे सपने रह जाने का कारण बतलाते हैं 

सपनों को साकार बनाने के राह पर सबको चलाते हैं 

आओ सपनों को जागती आंखों से देखकर साकार बनाते हैं 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 

शनिवार, 7 जनवरी 2023

नाम दीवाना बना दो सतगुरु

 सतगुरु जी मैं नाम दीवाना बन गया

तेरे रंग में ऐसा रंग गया 

दुनिया के सब रंग फीके लगने लगे  

मोहमाया के बंधन स्वयं मन से हटने लगे

अपने पराए का भ्रमजाल नाश कर दिया 

अंतर में ऐसा  ज्ञान प्रकाश कर दिया 

पांच विकार अब मोहि न सतावै 

शब्द धुन में ध्यान लगावै 

कर्मों का लेखा जोखा सतगुरु आप मिटावै 

तन मन के दुख क्लेश मिटावै


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 


शुक्रवार, 6 जनवरी 2023

सतगुरु मोहे दरस दिखावो

 #सतगुरु मोहे दरस दिखावो 

सतगुरु मोहे दरस दिखावो

 प्यासी अखियन की प्यास बुझावो 

कई जन्म हम पशु पंखी बन‌ आयो

अपने कर्मों के कारण  बहुत दुख पायो 

अब तुम कृपादृष्टि कर मोहे उद्धारो 

आवागमन का चक्र मिटाओ 

सतगुरु मोहे दरस दिखावो....................

प्रीतम के देस तुम ले जाओ

सतगुरु तुम ही मेरे पथपर्दशक बन जाओ 

नाम सिमरन में मेरे मन लगाओ 

मन के सारे संशय मिटाओ 

सतगुरु मोहे दरस दिखावो.................... 

भजन सिमरन में मन को  टिकाओ 

तूं तेरी का रटन सिखाओ 

कण कण में अपना रूप दिखाओ 

मन मेरे को अपना दास बनाओ 

सतगुरु मोहे दरस दिखावो.................... 



स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 













सुख की छाया

 #सुख की छाया 

सतगुरु तेरी मेहर सुख की बन‌ गई छाया

अब नजदीक नहीं आएगी मेरे माया

मेरे ऊपर बन गई तेरी छत्र छाया

तन मन के सारे दुख दर्दों को मिटाया 

मेरे मालिक तूने ऐसा कृपया का बादल बरसाया

सकल सुखों ने मेरे द्वार पर डेरा लगाया

तेरी रहमतों का प्रसाद तेरी कृपादृष्टि से पाया 

हर श्वास रख मुझे अपनी शरणाया 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 

गुरुवार, 5 जनवरी 2023

गहरी गहरी नदी में बहती जाऊं

 #गहरी गहरी नदी में 

मेरे सतगुरु जी  गहरी गहरी नदी में ठंडा पानी पानी 

अकेली अकेली बहती मैं जा 

कोई ना पकड़े मेरी बांह 

अब आत्मा को कौन देगा थाह 

मेरे सतगुरु जी  गहरी गहरी नदी में ठंडा पानी पानी 

अकेली अकेली बहती मैं जा ............

सारी उम्र जिनके के लिए पैसा कमाया

धर्म कर्म मैंने कुछ नहीं कमाया

इन्होंने भी किया मेरे साथ द्रोह

अब मैंने जाना झूठे थे सारे वो मोह 

मेरे सतगुरु जी  गहरी गहरी नदी में ठंडा पानी पानी 

अकेली अकेली बहती मैं जा .............

छल कपट से पैसा कमाया इंसानियत को मैंने भुलाया

बेईमानी का पैसा सबको खिलाया 

लेखा देना मुझको परम सत्य झुठलाया

मानव जन्म का परम अवसर व्यर्थ में गंवाया 

मेरे सतगुरु जी  गहरी गहरी नदी में ठंडा पानी पानी 

अकेली अकेली बहती मैं जा ......... 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 


मंगलवार, 3 जनवरी 2023

उम्मीद कभी मत खोना

 #उम्मीद कभी मत खोना 

उम्मीद कभी मत खोना

चाहे आंखों से पड़े रोना 

मेहनत लग्न ही है सोना 

मंजिल को पाना नहीं है बच्चे का खिलौना ।

मुश्किलों ,कठिनाइयों से कभी नहीं घबराना

हमेशा अपने कदमों से आगे ही आगे बढ़ते जाना 

मुसीबतों, मुश्किलों को बुलंद हौसलों से हारना

मंजिल को पाने का यही मंत्र बार बार दोहराना ।

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 



रविवार, 1 जनवरी 2023

भविष्य का भारत

 #भविष्य का भारत  

भविष्य का भारत आगे बढ़ता भारत

तरक्की, विकास, हर मुकाम हासिल करता भारत

पुरानी पीढ़ियों से प्रेरणा लेता भारत 

चांद की सतह पर रहने के सुनहरे सपने बुनता भारत

शिक्षा के शक्तिशाली हथियार से अज्ञानता मिटाता भारत 

सबको साथ लेकर चलने वाला भारत

मज़हब,जात पात, लिंग भेद को न मनाने वाला भारत

सबको उन्नति के अवसर प्रदान करता भारत

सबकी हौसला अफजाई करता भारत

हरियाली ही हरियाली से भरा दिखाई देता भारत

संसार को सत्यनिष्ठा बनाने की शिक्षा देता भारत 

शांति, प्रेम, प्यार की मीठी बोली हमेशा बोलता है भारत ।


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 






प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...