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मंगलवार, 28 फ़रवरी 2023

बेगाना देश

 शीर्षक - बेगाना देश 

बेगाना देश यह दुनिया,  चित मत लगाना

झूठ मोह में फंसकर, पड़ेगा बहुत पछताना 

बाहरी तीर्थ से मैल न जाती, अंतर में ही पड़ेगा नहाना 

सतगुरु संगति में ही मिलता नाम भेद , कहते सारे शास्त्र वेद 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 

सोमवार, 27 फ़रवरी 2023

तेरे देश में प्रवेश कैसे पाऊं

शीर्षक -   तेरे देश में प्रवेश कैसे पाऊं 

तेरे देश में प्रवेश कैसे पाऊं

कह विधि तुझे ध्याऊं

गुण अवगुण करता थक गया

कैसे तुझे मनाऊं

जग का हर सुख मुझे सुख देता 

परम सुख कैसे पाऊं

इस तन में अब बिरहा की तड़प लगा दो 

किस यत्न से तेरा अपरंपार दर्शन देख पाऊं 

मन में शीतलता क्या कर्म से आई 

सो कर्मों मुझे दो बताई

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - जम्मू कश्मीर 




शनिवार, 25 फ़रवरी 2023

भाईचारा

 शीर्षक - भाईचारा

आओ मिलकर प्रेम प्यार के गीत गाते हैं

सबको गले लगाते हैं

भारतवर्ष की तरक्की में हाथ बांटते हैं

लोगों को बांटना वाले बुजदिलों को सबक सिखाते हैं

एकता की शक्ति से मारकर बाहर भगाते हैं 

एकता की शक्ति का जलवा दिखलाते हैं

जात धर्म पर जो हमको लड़वाते है

वो ही देश को बर्बादी के कगार पर ले जाते हैं 

चलों आपस में प्रेम प्यार को बढ़ाते है

देश को बांटने वाले को बाहर का रास्ता दिखाते हैं 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 


शुक्रवार, 24 फ़रवरी 2023

प्यारे मना हरि रस पीने चलें

 शीर्षक - प्यारे मना हरि रस पीने चलें 

प्यारे मना हरि रस पी चल निरंतर 

इसमें असल खुमारी है 

प्यारे मना हरि रस पी चल निरंतर...............................

हरि नाम के नाम प्रताप से ही सब मैल गंवानी है 

हरि का नाम की अकथ कहानी किसी से कह नहीं पानी है 

प्यारे मना हरि रस पी चल निरंतर...............................

सब ओर माया का बोलबाला है

इस कारण ही अपने पराए का भाव आया है

प्यारे मना हरि रस पी चल निरंतर............................... 

ज्ञान का प्रकाश अंधकार मिटाता है

घट में ही सब कुछ नजर आता है

प्यारे मना हरि रस पी चल निरंतर...............................

सतगुरु की युक्ति ही मुक्ति दिलाती है

आवागमन का चक्र से छुटकारा दिलवाती है

प्यारे मना हरि रस पी चल निरंतर............................... 

सतगुरु का संग प्रभु कृपा से पाता है

आतंरिक तीर्थ में आठों पहर नहाता है

प्यारे मना हरि रस पी चल निरंतर............................... 

हरि का आनंद किसी से कह नहीं पाता है

स्वयं को जानकर अचंभित हो जाता है

प्यारे मना हरि रस पी चल निरंतर...............................

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 

गुरुवार, 23 फ़रवरी 2023

प्रेम का मार्ग

 शीर्षक  - प्रेम का मार्ग 

मेरे मीत प्यारे प्रेम का मार्ग अपनाते हैं

सबको एकता की ताकत दिखलाते हैं

सबको झूठे मान का दोष बतलाते हैं

विनम्रता का गुण सिखलाते है 

धन दौलत की चंचलता के बारे में बताते हैं

लालच लोभी वृत्ति वालों को आइना दिखाते हैं 

समाज को बांटने वाले गद्दारों को दूर भागते हैं

सबमें एक का नूर समाया सबको समझाते हैं‌‌ 

मेरे मीत प्यारे प्रेम का मार्ग अपनाते हैं


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 


बुधवार, 22 फ़रवरी 2023

उलझनें सुलझाने तो मैं आया हूं

 शीर्षक - उलझनें सुलझाने तो मैं आया हूं 

उलझनें सुलझाने तो मैं आया हूं 

ईश्वर को मन अंतर में से पाने आया हूं

मन के भावों को भीतर से जानने आया हूं

आपा भाव खोकर स्वयं को पाने आया हूं

सर्वव्यापी परमेश्वर को हृदय में खोजने आया हूं

मान अपमान की भावना से ऊपर उठने आया हूं 

आत्मा को परमात्मा से जोड़ने को आया हूं

विषय विकारों की दीवार को सतगुरु ज्ञान से तोड़ने आया हूं

प्रभु ही जीवन का परम ध्येय है मन को सिखाने आया हूं

सतगुरु ज्ञान ही मुक्ति मार्ग परम सत्य बतलाने आया हूं


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 





जिंदगी के गीत को गाते मुस्कराना

 शीर्षक- जिंदगी के गीत को गाते मुस्कराना 

जिंदगी के गीत को गाते मुस्कराना 

मुश्किलों को हंसकर तुम हराना 

जिंदगी है गीत का तराना

सबको प्रेम प्यार का गीत है सिखाना

मन के भीतर से मैल को हटाना 

मैं मेरी को छोड़ सबको गले है लगाना

हंसते हंसाते जिंदगी का पल पल बिताना

ईर्ष्या द्वेष को दिल से मिटाना 

गीत गाते मन के कोमल भावों में खो जाना

कभी किसी को देना नहीं ताना

जिंदगी की क़ीमत को है सबको समझाना 

समझते समझाते जिंदगी के गीत को है गाना 

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 




शनिवार, 18 फ़रवरी 2023

तेरे बिना कोई सहारा नहीं बनता

 #शीर्षक - तेरे बिना कोई सहारा नहीं बनता‌ 

 तेरे बिना कोई सहारा नहीं बनता‌ 

तेरे बिना न‌ कश्ती को किनारा मिलता

तेरे हुक्म बिना न कोई पत्ता हिलता 

तेरे बिना कोई दीन दुखी की फरियाद न सुनता 

तेरे बिना जिंदगी जीने का आनंद न आता 

तेरे बिना सारा जग भवसागर में डूब जाता

तेरे जैसा मल्लाह मुझे कोई नजर न आता

तेरे नूर से ही सृष्टि का कण कण मनमोहकता पाता 

तेरे हुक्म की कार सारा ब्रह्मांड कमाता 

तेरे प्रेम स्वरूप को हर कोई समझ नहीं पाता 

तेरे अकथ स्वरूप को शब्दों में बयान नहीं कर नहीं आता

तेरे प्रेम प्यार से ही आवागमन का चक्र समाप्त हो पाता 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 
















कठिन है राह पर रुकना मत


शीर्षक - कठिन है राह पर रुकना मत 

कठिन है राह पर रुकना मत 

मुश्किलों के आगे हौसला बुलंद कर 

कांटों से भरे राह पर चलता जा 

दुख दर्द को खुशी से सहकर हिम्मत बढ़ा 

विघ्न बाधाओं को भी हरा जा  

अपने साहस का परीक्षण कर 

डर भय को पीछे छोड़ जा 

कदम मंजिल की ओर  बढ़ा बढ़ा कर चल 

कोई भी बात कल पर मत रख 

अपने ध्येय को  जीवन का श्वास मानकर चल 

कठिन भरे रास्तों पर घुटने टेकना मत 

तूं चींटी दल की तरह हमेशा आगे बढ़ता चल 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 





गुरुवार, 16 फ़रवरी 2023

जीवन एक परीक्षा

 शीर्षक- जीवन एक परीक्षा 

जीवन‌ की परीक्षा में हर कोई सफलता नहीं पाता 

दुख तकलीफ़ में मन डोल ही जाता

परीक्षा की घड़ी हर एक जीवन में आती 

काबिलियत परखने  का मौका  दे जाती

इंसान जो गर्व मान में फूला फूला रहता 

परीक्षा की घड़ी ख़ुद को संभाल ही नहीं पाता 

आसान राहों पर चलता चलता

मुश्किलों से जल्दी ही घबरा जाता 

जीवन एक परीक्षा सब देने आते 

मंदबुद्धि बुद्धिहीन ही  परीक्षा से घबराते 

परीक्षा ही मनुष्य को साकार बनाती 

सहनशीलता क्षमता का पूरा पूरा ज्ञान कराती 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 



बुधवार, 15 फ़रवरी 2023

नाम ही मुक्ति का दाता

 #शीर्षक - नाम ही मुक्ति का दाता 

" नाम ही मुक्ति का दाता सतगुरु सबको यही समझाता 

मनमुख अधूरे साधन अपनाता लोक परलोक दोनों गंवाता । "


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 



रविवार, 12 फ़रवरी 2023

फ़रियाद

#शीर्षक- फ़रियाद 

मालिक तेरे दर पर फरियाद करने आया हूं

तेरी रहमतों के सहारे जीते जी मरने आया हूं

मैल भरे मन में निर्मलता पाने आया हूं

तेरे रंग में रंग कर अपना आप गंवाने आया हूं 

तेरे हुक्म की कार कमाने आया हूं

विचारों में तेरा विचार जानने आया हूं

जो रास्ता भूल गया था उसी पथ पर चलने आया हूं

डोलते फिरते चित में एकाग्रता पाने की चाह लेकर आया हूं

जात पात धर्म कर्म में बंट चुके जीवों को एकाकार का संदेश सुनाने आया हूं

भेदभाव से ऊपर उठकर सचिदानंद प्रभु में मिलने आया हूं 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला : सांबा, जम्मू कश्मीर 


शनिवार, 11 फ़रवरी 2023

पराए देश दुनिया

 #शीषर्क - पराया देश दुनिया 

पराए देश दुनिया सारी, मैं मेरी की लग गई बीमारी 

सेवा सिमरन सत्संग बिसारी, कैसे उतर पाई भवसागर पारी 


स्वरचित एवं मौलिक

  अमरजीत सिंह 

जिला: सांबा, जम्मू कश्मीर 


गुरुवार, 9 फ़रवरी 2023

चल‌ चले अपने देश

 #चल‌ चले अपने देश 

"चल‌ चले अपने देश , दुख सुख का नहीं वहां कोई प्रवेश

ऐसा पवित्र मेरे शाह का देश, मिट जाते तन‌ मन के सब क्लेश।" 


#मन‌ तुझे ले चलूं ठाकुर धाम 

"मन‌ तुझे ले चलूं ठाकुर धाम , पूर्ण होते जहां सब काम 

श्वास श्वास से लें अमृत नाम, पहुंच जाएगा ठाकुर नाम।"


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 


बुधवार, 8 फ़रवरी 2023

गुरु रविदास परम पारस

 #शीर्षक - गुरु रविदास परम पारस 

गुरु रविदास परम पारस संगत पाई बड़भाग

जिस जन लागी हरि नाम की प्यास 

मन चंगा कठौती में गंगा का सच्चा उपदेश 

गुरु रविदास कहत है बेगमपुरा प्रीतम का देश 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला सांबा, जम्मू कश्मीर 

मंगलवार, 7 फ़रवरी 2023

आओ सखी मिल प्रभु रिझाने

 #आओ सखी मिल प्रभु रिझाने चले

आओ सखी मिल प्रभु रिझाने चले 

श्वास श्वास में नाम बसाने चले

पांच विकारों को मिटाने चले 

साधसंगत में सेवा भाव जगाने चले

मैं मेरी से संग छुड़ाने चले 

संसार मोह भाव को त्यागने चले 

परमात्मा से लिव लगाने चले 

गुरसंग प्रीतम से मिलने चले 

निज देश में अपना स्थान बनाने चले 

मन के सब भ्रम जलाने चले 

काया अंदर खोजने का मार्ग सबको बतलाने चले 

मनुष्य जीवन है प्रभु सिमरन की वेला यह सीख सिखाने चले 

भूले भटके मन को स्थिरता का मार्ग दिखलाने चले 

मन की दुविधा से छुटकारा पाने चले



स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 

सोमवार, 6 फ़रवरी 2023

दास, गुरु दरस

              #दास

" मैं दास  सब कोई कहे कहियत दास होई 

साहिब सब घट जानत करनी ते जाहिर होई । "

#गुरु दरस 

गुरु दरस काटे सकल क्लेश ,

 तेरे मिल जाने पर कोई इच्छा नहीं रहती शेष, 

तेरी सेवा में महा आनंद मिलता,

 कितना सुन्दर स्वामी तेरा देश।

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 







शनिवार, 4 फ़रवरी 2023

अर्ज़ करू करूणानिधि

 #शीर्षक- अर्ज़ करू करूणानिधि 

अर्ज़ करू करूणानिधि मिल जाए मोही नाम सिद्धि 

किस आसन बैठ नाम संग ध्यान लगाऊं पाऊं सुखनिधि

सब कर्म लगते व्यर्थ सीखा दियो सच्ची विधि 

हमेशा सदा रखिए अपने सानिध्य यही है महा अष्टसिद्धि 

मैल गंवा दो तन मन की दयानिधि

चार फल क्षण में मिलते तेरी शरण में कृपानिधि


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 

शुक्रवार, 3 फ़रवरी 2023

बसंत ऋतुराज

 #शीर्षक- बसंत ऋतुराज 

बसंत ऋतु तूं जल्दी आ 

सूखे हुए पेड़ पौधों में नव जीवन की उम्मीद जगा 

उम्मीद खोकर जो हार चुके है

जीवन जीने की रोशनी दे आ 

सपने लेते जो सो गया है

उन्हें मेहनत परिश्रम का पाठ पढ़ा 

सीखा दे उनको पतझड़ के बाद ही हरियाली आती 

मेहनत लग्न ही सफलता दिलाती 

जीवन की पगडंडी पर चलते चलते संघर्षो राह का अपना

बसंत ऋतु तूं मानव को जीवन का असल‌ पाठ सीखा। 

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 







गुरुवार, 2 फ़रवरी 2023

सतगुरु नानक तेरी महिमा

 #शीर्षक- सतगुरु नानक तेरी महिमा 

" सतगुरु नानक तेरी महिमा का गुणगान करूं

आठों पहर तेरा ही ध्यान धरूं

हर अपना कर्म तेरे नाम करूं

तेरे हुक्म बिना एक पग न चलूं । "


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला सांबा, जम्मू कश्मीर 



बुधवार, 1 फ़रवरी 2023

मालिक की अदालत

 #शीर्षक - मालिक की अदालत 

मालिक की अदालत से कोई नहीं बच पाता

अच्छे बुरे कर्मों का हिसाब निष्पक्ष किया जाता 

धन ,दौलत सब रिश्तों का मान खोटा नजर आता 

कर्मों का भुगतान केवल आत्मा द्वारा दिया जाता

कर्मों का बोझ अकेला जीव ही उठाता 

चतुर चालाकी कोई हथकंडा वहां काम नहीं आता 

कर्मों का हिसाब जीवों को आवागमन में फंसाता

कर्मों का लेखा जोखा देने से सबका जी घबराता 

कर्मों के हिसाब से केवल सतगुरु ही बचाता

जो जीव मन चित से सत्य का मार्ग अपनाता


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 


प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...