सतगुरु रैदास
नाम का रंग चढा दो सतगुर रविदास
तेरे चरणों मे शीश झुकाता हूं बारंबार
ऐसी कृपा कर दो मेरी खाली झोली भर दो
सतगुरु रैदास
नाम का रंग चढा दो सतगुर रविदास
तेरे चरणों मे शीश झुकाता हूं बारंबार
ऐसी कृपा कर दो मेरी खाली झोली भर दो
#बादल
बादल हूं हौसला जगाने आया हूं
उदास हुए मनों में नवस्फूति संचार करने आया हूं
सुस्ती को सदा के लिए भगाने आया हूं
जिनकी इच्छाएँ सूखे पत्ते सी हो गई है ,
हरा भरा करने आया हूं
गर्जन करके दामिनी की,
तंद्रालस तनों का मिटाने आया हूं
बुझे हुए दीपकों में,
रोशनी जगाने आया हूं
गर्मी से तपते वनों को,
ठडंक का अहसास कराने आया हूं
जिनकी आशाएं मर चुकी है,
नव आशाएं जगाने आया हूं
दुखों से भरी हुई जिंदगी को,
सुखमय बनाने का साधन बनकर आया हूं
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू-कश्मीर
शीर्षक- कलम ही देश की शक्ति का आधार
कलम ही देश की शक्ति का आधार
कवि का सत्य को सत्य लिखना देश के लिए प्यार
समाज को सत्य का दर्पण दिखाना
झूठ सत्य को सबके सामने लाना
झूठ का पर्दा मनों से हटाना
सत्य का मार्ग सबको दिखाना
कवि करता असत्य पर कलम से वार
असत्य जाता हमेशा हार
सच्चा कवि करता नही भेदभाव
चाहे जीवन में रहे सुख सुविधाओं का अभाव
किसी राजनीतिक दल से उसको नहीं प्यार
देश हित चाहना ही उसका देश के लिए प्यार।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...