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रविवार, 31 अक्टूबर 2021

महंगाई की मार


#विषय  - महंगाई की मार

विधा - स्वैच्छिक 


बहुत बुरी है महंगाई की मार, 

जीना कर दिया सबका दुश्वार । 


   खाना पीने का सामान मिलता बहुत मंहगा, 

महंगाई ने कर दिया सबको नंगा । 


हर कोई रहता हर समय परेशान, 

कैसे लेकर आये घर खाने पीने का सामान। 


सब ओर इस महंगाई ने सबकी चिंताएँ बढ़ाई, 

इस महंगाई में बच्चे कैसे कर पायेगा पढ़ाई । 


पेट्रोल डीज़ल के दाम रोज दिन बढ़ते जाते, 

वाहन चालक की मुश्किलें और बढ़ाते। 


 दाल, सब्जी, सरसों तेल के दाम आसमान को छूते जाते, 

गरीब लोग अपने बच्चों को भूखे पेट सुलाते । 


महंगाई ने अब कर दी अपनी हद पार, 

अब तो जाग जायो सरकार । 


गरीब, मध्यम वर्गीय लोगों पर कर दो उपकार, 

अब नहीं झेली जाएगी हम से महंगाई की मार । 


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जिला -  सांबा , जम्मू कश्मीर







शनिवार, 30 अक्टूबर 2021

अयोध्याधाम की दीपावली

 नमन मंच🙏🙏🙏

#गूंज क़लम की साहित्य संस्थान जम्मू कश्मीर इकाई

दिनांक - 28/10/2021 - 04/11/2021

विषय - अयोध्याधाम की दीपावली

विधा - स्वैच्छिक

अयोध्या नगरी दुल्हन सी सजाई, 

वनवास पूरा करके सिया संग लौट आए दोनों भाई । 


माता कौशल्या फूली न समाई, 

जब तीनों को अपनी आँखों के सामने पाई । 


भरत ने अपार ख़ुशी जताई, 

जब दोनों भाई संग सिया के आने की खबर पाई । 


अयोध्या नगरी अयोध्या वासियों ने दीपों से सजाई, 

सब ओर हुई रोशनाई ही रोशनाई। 


राम जी के आने से अयोध्या नगरी में फिर से खुशियाँ आई, 

तीनों के  लौटने की देव देवियों ने आकर दी बधाई। 


राम जी के अयोध्याधाम की दीपावली बहुत निराली, 

राम जी के धाम से कोई न जाता खाली। 


अयोध्या धाम की दीपावली राम जी के आने का स्मरण कराती, 

मन तन में भक्ति रस भर जाती। 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर



शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2021

दीपोत्सव या दीपावली

 नमन मंच 🙏🙏🙏🙏

# गूंज क़लम की साहित्य संस्थान

दिनांक  - 29/10/2021

दिन - शुक्रवार

#विषय - दीपोत्सव या दीपावली

विधा - स्वैच्छिक 


चलो दीपोत्सव में मन का अज्ञान मिटाये, 

अंतर में ज्ञान का दीपक जलाये । 


सब को मिलकर गले लगाये, 

दीपोत्सव का मूल संदेश सबको बताये। 


  राम जी के आदर्श अपनाये, 

जीवन को खुशहाल बनाये। 


अंतर से जात पात का भ्रम मिटाये, 

भगवान श्री राम ने जूठे बेर शबरी के खाये । 


दीपोत्सव में भगवान श्री राम की महिमा गाये, 

अपना मानस जन्म सफल बनाये। 


दीपोत्सव का सही अर्थ सबको समझाये, 

अज्ञान को ज्ञान दीपक से दूर भगाये। 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा ,  जम्मू कश्मीर




गुरुवार, 28 अक्टूबर 2021

धर्म में कट्टरता के लिए कोई स्थान नहीं

 नमन मंच🙏🙏🙏

#गूंज क़लम की जम्मू कश्मीर इकाई 

दिनांक- 22-28 अक्तूबर, 2021

 दिन -  शुक्रवार से बृहस्पतिवार

 #विषय - धर्म में कट्टरता के लिए कोई स्थान नहीं

  विधा - कविता

आओ सभी को धर्म का सही अर्थ समझाये, 

मानवता की भाषा सब को सिखाये ।  


दया को ही अपना धर्म बनाये, 

सब पर निष्काम भाव से प्यार लुटाये। 


सही को सही गलत को गलत  बताये, 

ऐसी  पारखू दृष्टि अपनी बनाये। 


दूसरे की खुशी में अपनी खुशी जश्न बनाये, 

सब को अपने हृदय की सेज़ पर बिठाये। 


कट्टरता से दूरी हमेशा के लिए बनाये, 

ईश्वर का साक्षात्कार सृष्टि के कण कण में पाये। 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर

गुरुवार, 21 अक्टूबर 2021

भगवती स्वरूपा : माता सीता जी

नमन मंच 🙏🙏🙏

गूंज क़लम की साहित्य संस्थान जम्मू कश्मीर इकाई

 दिनांक - 21/10/2021 

#विषय - भगवती स्वरूपा : माता सीता जी


धन्य धन्य जनक दुलारी, 

माँ सुनयना को प्राणों से प्यारी । 


राजा जनक की पुत्री बहुत ही प्यारी, 

महिमा गाते जग के नर नारी।  


शिवधनुष पर राम जी ने प्रत्यंचा चढ़ाई, 

तभी जनक सुता पत्नी रूप में पाई । 


अवध पुरी  वासियों ने खुशियाँ मनाई, 

जब माता सीता की डोली अयोध्या में आई । 


माता सीता ने ससुराल में सम्मान बहुत पाया, 

अपने पुनीत संस्कारों से सबको रिझाया  । 


चौदह वर्ष वनवास जीवन पति संग बिताया, 

पतिव्रता होने का कर्तव्य खूब निभाया । 


दुष्ट रावण ने माता सीता का कुटिलता से हरण किया, 

माता सीता को अपार कष्ट दिया। 


जनक दुलारी ने अपना सतीत्व हमेशा बचाया, 

दुष्ट रावण भगवती स्वरूपा जानकी के निकट नहीं आ पाया। 


भगवान राम ने दुष्ट रावण को काल के पास पहुंचाया, 

माता सीता को अशोक वाटिका से मुक्त कराया। 


माता सीता ने अग्नि परीक्षा द्वारा अपने सतीत्व का दिया प्रमाण, 

यह सब देख कर  सब हुए हैरान। 


अवधपुरी में प्रजा ने मां जानकी के चरित्र पर लांछन लगाया, 

माता सीता को पुनः वन में भिजवाया । 


माता सीता ने महर्षि वाल्मीकि  के आश्रम में आश्रय पाया, 

लव कुश को जन्म देकर रघुपति के वंश को आगे बढाया। 


माता सीता की कुरबानियों से भरी कहानी, 

सुनकर आंखों में भर आता है पानी। 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर







      
















बुधवार, 20 अक्टूबर 2021

जीवन चित्रण : भगवान श्री रामचंद्र जी


#विषय - जीवन चित्रण: भगवान श्री रामचंद्र जी

प्रभु तुम ही हो तारनहार, 

सब करते तुम से प्यार, 

दुष्ट ताड़का का उद्धार किया, 

अपने चरणों में निवास दिया, 

माँ कौशल्या को तुम प्राणों से प्यारे,

 राजा दशरथ के आंखों के तारे, 

गौतम नार अहिल्या तारी, 

देव गाते आठों पहर महिमा तुम्हारी, 

दीन दुखियों को तुम ही सहारा, 

तेरे नाम से मिलता मुक्ति द्वारा, 

जात पात का भेद मिटाते, 

जूठे बेर माता शबरी के खाते, 

पिता दशरथ का वचन निभाया, 

चौदह वर्ष जीवन वन में बिताया, 

राम जी मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाए, 

सबको आदर्श जीवन जीने के नए राह दिखाए, 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर







शुक्रवार, 8 अक्टूबर 2021

महात्मा गांधी

 नमन मंच 🙏🙏🙏

#क़लम की ताक़त साहित्यिक समूह, भारत

  दिनांक - 01-07 अक्तूबर,2021

  दिन - शुक्रवार से बृहस्पतिवार

#विषय - अहिंसा के पुजारी: महात्मा गांधी

विधा - छंदमुक्त कविता

महात्मा गांधी बहुत महान, 

भारत करता उन पर बहुत मान, 

अहिंसा का सबको पाठ पढ़ाया, 

मिलकर रहना सबको सिखाया, 

अनेक आंदोलन गांधी जी ने चलाया, 

देश की आजादी के लिए अनेक दुख उठाया, 

अंग्रेज़ों को भारत से भगाया, 

भारत माता को आजाद कराया, 

सब धर्मों का करते वो सम्मान, 

उनके लिए सब लोग एक ईश्वर की संतान, 

महात्मा जी ने  देश सेवा के लिए अपने प्राणों आहुति दे डाली, 

वो थे भारत माता के सच्चे रखवाली। 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर






प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...