#विषय विकार
विषय विकारों का कैसा यह डेरा
कैसे होगा आत्मा का यहां से निबेरा
आत्मा को आवागमन में फेरा
कैसा खेल है मालिक तेरा
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#विषय विकार
विषय विकारों का कैसा यह डेरा
कैसे होगा आत्मा का यहां से निबेरा
आत्मा को आवागमन में फेरा
कैसा खेल है मालिक तेरा
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#दयानिधान
दयानिधान कृपा करें मेरे मन के सब बंधन हरे
मुझ पापी को क्षमा करें गुरु पग की धूलि मेरे हृदय में धरे
मन मेरे को एकाग्र करें शब्द सुरति का मेल करें
दर्शन दीदार की बख्श करें जन्म मरण का दुख हरे
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल
लौह पुरुष भारत की अखंड एकता की पहचान है
सरदार पटेल का व्यक्तित्व बहुत महान है
पटेल ने बहुत सारी रियासतों को भारत में मिलाया था
राष्ट्रीयता की भावनाओं को सबके दिलों में जगाया था
भारत मां को स्वतंत्र कराने में बहुत योगदान दिया
भारत के इतिहास में अपना नाम अमर किया
उपप्रधानमंत्री के रूप में देश की उन्नति के लिए काम किया
सबको साथ लेकर चलने का संकल्प लिया।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#कृपादृष्टि
मेरे सतगुरु जी तेरी ऐसी कृपादृष्टि करें हो पापों का नाश
सृष्टि के हर कण में दिखाई देता तेरा ही दिव्य प्रकाश
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू कश्मीर
#निजघर
मेरे माही जी
मैं निजघर भूल बैठी
मैं जुबां से भी झूठी,
कर्मों से भी झूठी
कैसे मनाऊं अपने सतगुरु माही को ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#सेवा सिमरन सत्संग
सतगुरु मेरे सेवा सिमरन सत्संग का मोहि दान दीजै
मोहे कांव को तुम हंस करीजै
दुविधा मन की तुम हर लीजै
मोहि पापी के पाप को तुम खंडन कीजै
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू कश्मीर
#सत्संग की घड़ियां
सत्संग की घड़ियां जीवन सफल बनाती
आत्मा को परमात्मा से मिलाती
मन के सब भ्रम मिटाती
मानव को मानव बनने की सीख सिखाती
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#आओ मिलकर दीप जलाएं
आओ मिलकर प्रेम के दीप जलाएं
जीवन का अंधकार मिटाएं
सबको मिलकर रहने की सीख सिखाएं
बुराइयों को जीवन से दूर भगाएं।
प्रेम प्यार की अखंड ज्योति जगाएं
सबको दिल से गले लगाएं
बुरी भावनाओं से पीछा छुड़ाएं
सब ओर भाईचारे का माहौल बनाएं।
जीवन में आगे बढ़ने का नया कदम उठाएं
सबको साथ लेकर चलने की नई रीति अपनाएं
उजाले से अंधकार का अस्तित्व मिटाएं
आंतरिक ज्ञान से मन का अज्ञान भगाएं ।
चलो दीपावली पर प्रेम प्रीति दीप के जलाएं
मानव को मानवता की याद दिलाएं
धर्म,जात- पात के नाम पर लड़ने वालों का भ्रम दूर भगाएं
इंसा को इंसा से प्रेम करने का राह दिखाएं।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू कश्मीर
#आना जाना कैसा खेल
आना जाना कैसा खेल रचाया
दुनिया को उसी में उलझाया
रचनाकार को हृदय से बिसराया
मन को विषय वासनाओं का दास बनाया
सब ओर अज्ञान का अंधकार छाया
मानव को सत्य के रास्ते से भटकाया
हे माया तूने सबको भ्रमाया
धर्म कर्म को भी पाखंड बनाया
सच्ची भक्ति का नियम भुलाया
इंसा को इंसा से लड़ाया
सच को झूठ, झूठ को सच कर दिखलाया
ऐसा मूर्ख बनानेवाला ये कलयुग आया
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#प्रेममार्ग
प्रेम के मार्ग पर सतगुरु जी चला देना
मुझे अपना हुक्मी बंदा बना लेना
ईर्ष्या द्वेष से बचाए रखना
प्रेम मार्ग पर हमेशा चलाएं रखना
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#तेरी कीर्ति
तेरी कीर्ति मुक्ति दाता गाता संसारा
कोई न पा सका तेरा पारावार
तेरे बिन सब दुनिया है खार
सतगुरु जी का है यही विचार
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू कश्मीर
#दुविधा
दुविधा मारो यार मेरे
आ पड़ा हूं द्वार तेरे
मन के भ्रम मिटे मेरे
जन्म सफल होगा आसरे तेरे
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू कश्मीर
#ज्ञान का दीपक
सतगुरु ज्ञान का दीपक मेरे अंतर्मन में जगाना
अज्ञान का तिमिर हृदय से भगाना
अहम भाव से मुझे तुम बचाना
सच्ची भक्ति की रीति मुझे सिखाना
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#श्मशान भूमि
जब जब श्मशान भूमि पर जाता हूं
मन को जिंदगी का सच बतलाता हूं
शरीर की नश्वरता की बात मन को सिखाता हूं
मरने से पहले मरने का फायदा उठाना चाहता हूं
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू कश्मीर
#रिझाना
ऐ सखी मुझे मेरे मालिक को रिझाना नहीं आता
मुझे उसको छोड़कर दूसरे द्वार पर जाना नहीं भाता
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू कश्मीर
#मेरे माहीं तेरी सूरत
मेरे माहीं तेरी सूरत पर वार दूं तीन लोक
तेरा बोला हर शब्द मुझे लगने लगा श्लोक
तूं ही मेरा मात पिता, तूं ही सखा मीत
आठ पहर गाता रहूं प्रभु तेरी महिमा के गीत
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#कुसंगति
नासमझ कुसंगति का न करते त्याग
बढ़ता जाता कर्मों का भार
लगाता जाता है आत्मा को दाग
बन गया है अब गंवार
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#निंदा
निंदा करना मनमुखों का स्वभाव
करते हैं अपना जन्म खराब
निंदक निंदा करके सबके कर्मों का भार उठाता
अपने बुरे कर्मों के कारण यम की फांस में फंस जाता
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू कश्मीर
#साधु संगति
साधु संगति में बैठकर पाईये नाम ज्ञान
सच्चे जिज्ञासु का ईश्वर में लगा देते हैं ध्यान
साधु संगति खोल देती है दुनिया की पोल
झूठे इस संसार में केवल प्रभु नाम है अनमोल
प्रभु नाम का सुरति से करे अभ्यास
सृष्टि के कण कण में दिख जाएगा एक ही है सब में वास
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू कश्मीर
#दीनदयाल
दीनदयाल तेरी कृपा है अपरंपार
मुझ घोर पापी का अब कर दो उद्धार
तेरे नाम की मस्ती में मन हो जाए भावविभोर
खत्म कर दो बाहर के सब शोर
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू कश्मीर
#शरण
तेरी चरण शरण में सब सुखों का धाम
कृपा करके बख्श दो प्रभु अपना नाम
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू कश्मीर
शीर्षक - गुरु रामदास
सतगुरु रामदास मेरा भवसागर में पकड़ लेना हाथ
सतगुरु जी तुम हो जगत के नाथ
घट घट की तुम जानने वाले
बेसहारा लोगों का सहारा बनने वाले
तेरी मेहर से कौआ हंस बन जाता
तेरी रहमतों का गुणगान सृष्टि का कण कण गाता
गुरु रामदास नाम भक्ति के दाता
नाम भक्ति से महापापी भी मुक्ति पा जाता
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला: सांबा, जम्मू कश्मीर
शीर्षक - भारतीय वायुसेना
हमारी भारतीय वायुसेना इसका भाई क्या कहना
यह भारत माता का सुंदर गहना
आसमान में परचम लहराती
दुश्मन की सेना नाम सुनकर भाग जाती
बहुत ही वीर है वायुसेना के जवान
भारत का जन जन करता बहुत मान
8 अक्तूबर, 1932 इसका स्थापना दिवस
छू रही सफलता का हर शिखर
इसके कारण सब सोते होकर बेफिक्र
चट्टान से भी मजबूत है वायुसेना के जवानों का जिगर
आपरेशन विजय, आपरेशन कारगिल विजय जैसे कई युद्धों में, वायुसेना ने अपना युद्ध कौशल दिखलाया
लड़ाकू विमान से बम गिराकर दुश्मनों को मिट्टी में मिलाया
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू कश्मीर
#सच्ची भक्ति
मेरे सतगुरु सच्ची का भक्ति का भेद बताया
अंदर बाहर एक प्रभु का रूप दिखलाया
सब ओर एक ईश्वर में समाया पाया
मेरे सतगुरु ने मन का पर्दा हटाया
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#संजीवनी
गुरु का वचन संजीवनी सा करे काम
पाप आत्मा भी पा ले मुक्ति धाम
गुरु मंत्र का जाप करो श्वासों के साथ
हमेशा संग रहेंगे अनाथों के नाथ
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#मैत्री
मैत्री का धर्म श्रीकृष्ण ने निभाया
सुदामा पर तीनों लोकों का राज लुटाया
अमीरी गरीबी की भेद रेखा को मिटाकर
सबको मित्रता का सही अर्थ समझाया ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू कश्मीर
शीर्षक - मेरे मन की वेदना
मेरे मन की वेदना का अब करो अंत
क्यों रूठे हो मेरे प्यारे स्वामी बेअंत
तेरी चरण शरण मेरा उद्धार
द्वार पड़े को तार या मार
तेरी आरती गाता सृष्टि का कण कण
अपनी सेवा में लगा लो मेरा मन तन
निज घर में बिठा दो मेरा मन
तेरा नाम सिमरन ही सच्चा धन
मोह माया का सब झमेला
यह जग जीवन सिर्फ चार दिन का मेला
अंत में जाएगा हे हंस अकेला
बिना सतगुरु के नहीं होगा प्रभु से मेला
बिना सतगुरु कौन भरेगा मेरी हामी
शरण में अभी से जाओ सतगुरु स्वामी
इस जग में केवल सतगुरु ही तारणहार स्वामी
उसकी ओट पकड़ लो प्राणी कभी न होगी तुम्हारी हानि।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#हरण
मेरे मन के विषय विकारों का करो हरण
हे जगदीश्वर मैं तुम्हारी शरण
मेरा मिटा दो जन्म मरण
आ गया तेरी चरण शरण
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला : सांबा, जम्मू कश्मीर
#वचन
साधु संत का वचन करता भवसागर से बेड़ा पार
सच्चा साधक समझता इसे ईश्वर का उपकार
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा जम्मू कश्मीर
गुरु नानक का वचन करता पापियों का एक क्षण में उद्धार
सतगुरु जी है परमपिता परमात्मा का पूर्ण अवतार
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा जम्मू कश्मीर
शीर्षक - सादा जीवन उच्च विचार
सादा जीवन उच्च विचार
ऐसे थे मां भारती के लाल
स्वतंत्रता आंदोलन में भरपूर दिया योगदान
राष्ट्र सेवक थे वे बहुत महान
कई वर्षों जेल में रहकर आजादी के लिए आवाज उठाई
आजादी के आंदोलनों में तेज़ी आई
जय जवान जय किसान दिया नारा
लगतो सबको बहुत प्यारा
सन् 1965 में पाकिस्तान को दिया मुहंतोड़ जवाब
दुश्मन को सहन करनी पड़ी करारी हार
लाल बहादुर शास्त्री थे गुणों की खान
मां भारती को अपने लाल पर बहुत ही मान।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर इकाई
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...