जिस घर में बेटी नहीं अंगना लगे उदास
बेटी से ही होता घर में आनंद उल्लास
बेटी ही करती है घर मे खुशियाँ लाने का प्रयास
बेटी को ही होता है घर के कर्तव्यों का आभास
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू-कश्मीर
जिस घर में बेटी नहीं अंगना लगे उदास
बेटी से ही होता घर में आनंद उल्लास
बेटी ही करती है घर मे खुशियाँ लाने का प्रयास
बेटी को ही होता है घर के कर्तव्यों का आभास
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू-कश्मीर
#अनंत
अनंत तेरी महिमा है , अनंत कर रहे गुणगान
हे सर्वेश्वर हे परमेश्वर , तूं है सब गुणों की खान
तूं ही मेरा आस भरोसा, तेरा प्रेम है मेरी जान
लाखों मांगने वाले आते , सबको देते दान
परम धाम के बासी सतगुर, करो नाम का दान
आवागमन मिट जाए चक्र, ऐसा दो वरदान
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर
#शीर्षक धार मन मेरे
दया धार मन मेरे ,तभी ढीले होगे बंधन तेरे
दया क्षमा का पहन ले गहना ,सीख ले दुख सुख को सम कर सहना
दया धार मन मेरे ,तभी ढीले होगे बंधन तेरे ---------
इस जग में सदा बैठे नहीं रहना, मान ले सतगुर का तूं कहना
दया धार मन मेरे ,तभी ढीले होगे बंधन तेरे -----------
पाप जुल्म जीवों पर मत करना, कर्मों का लेखा तुझे ही देना पड़ना
दया धार मन मेरे ,तभी ढीले होगे बंधन तेरे -----------
बेईमानी ठगी चोरी से धन न कमाना, खाली हाथ जग से है जाना
दया धार मन मेरे ,तभी ढीले होगे बंधन तेरे -----------
यह देश है बेगाना, झूठे मान सम्मान में मत फंस जाना
दया धार मन मेरे ,तभी ढीले होगे बंधन तेरे -----------
सब पशु पक्षियों पर दया तूँ दिखाना , अपने स्वाद के लिए उनको कष्ट मत पहुंचाना
दया धार मन मेरे ,तभी ढीले होगे बंधन तेरे -----------
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा जम्मू-कश्मीर
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...