फ़ॉलोअर

बुधवार, 15 अप्रैल 2026

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

सभी ग्रंथों का सार 

सभी एक है परिवार 

बना ले इसको जीवन का आधार 


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जिला : सांबा, जम्मू-कश्मीर 

सोमवार, 1 दिसंबर 2025

गीता का ज्ञान

 गीता का ज्ञान जो भी पाता 

ईश्वर में अभेद हो जाता। 

श्वास श्वास जपता नाम 

पहुंच जाता अपने निज धाम ।

जन्म मृत्यु का नष्ट हो जाता जाल 

अंतर में दिख जाते सतगुर गोपाल ।

कर्म धर्म का मिलता सही ज्ञान 

नष्ट हो जाता झूठा अभिमान। 


 स्वरचित एवं मौलिक

 अमरजीत सिंह

सांबा, जम्मू-कश्मीर 

शनिवार, 25 अक्टूबर 2025

मनुष्य जीवन का ध्येय क्या है?

 गोविंद मिलन कारण तुम जग आए ,

माया संग क्यों उलझाए जाए।

झूठ देख क्यों लपटाया ,

समझ ना पाए देश है पराया।

मोह माया में मन उलझाया ,

झूठी है संसार की सुख छाया।

हर रिश्ते में है मतलब परस्ती,

  धन पर टिकी है इंसान की हस्ती ।

धर्म कर्म का है दिखलावा,

 समझ ना पाया कलयुग का छलावा।

सिमरन भजन मुक्ति का द्वार , 

बाहरी पाखंड में उलझा गंवार।

मानस देह में ही मिटेगा आना जाना, 

भजन  सिमरन गोविंदा का अब क्यों भूलना।

गोविंद मिलन कारण जग आया , 

पड़ जा साधु-संत शरणाया ।

श्वास-श्वास गा गोविंद राया,

तब मिलेगी प्रभु प्रेम की छाया। ।


स्वरचित एवं मौलिक

 अमरजीत सिंह 

जिला - सांबा , जम्मू-कश्मीर 

मन की दुविधा में

 मन की दुविधा में, खोया अपना चैन, 

 मन की किताब पढने में, बीतते है दिन रैण ।

स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

सांबा,  जम्मू-कश्मीर 

बुधवार, 1 अक्टूबर 2025

सच्चा कलमकार

 सच्चा कलमकार करता झूठ पर हमेशा वार ,

कलम से  ही शुरु होता है उसका संसार ,


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

सांबा, जम्मू-कश्मीर 


गुरुवार, 24 जुलाई 2025

मन का उठना गिरना

 मन का उठना गिरना करता बेचैन 

आत्मा को कैसे मिले चैन 

विषय विकारों से भरे रहते नैन 

खात पीत ही बीत रहे दिन रैन 


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

सांबा ,जम्मू-कश्मीर 

सोमवार, 7 जुलाई 2025

भजन सिमरन की बेला

 भजन सिमरन की बेला, मन करता भागाभागी 

कब होगा सतगुर संग मेला , घड़ी कब आएगी सुभागी। 


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

सांबा, जम्मू-कश्मीर 

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...