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सोमवार, 1 दिसंबर 2025

गीता का ज्ञान

 गीता का ज्ञान जो भी पाता 

ईश्वर में अभेद हो जाता। 

श्वास श्वास जपता नाम 

पहुंच जाता अपने निज धाम ।

जन्म मृत्यु का नष्ट हो जाता जाल 

अंतर में दिख जाते सतगुर गोपाल ।

कर्म धर्म का मिलता सही ज्ञान 

नष्ट हो जाता झूठा अभिमान। 


 स्वरचित एवं मौलिक

 अमरजीत सिंह

सांबा, जम्मू-कश्मीर 

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