शीर्षक - मेरे भोले नाथ तुम्हारी सदा जय हो भोलेनाथ
तुम हो अनाथों के नाथ,
रख दो सब पर अपनी कृपा का हाथ
मेरे भोले नाथ तुम्हारी सदा............…........
जग के संकट सब हर लो
सब ओर सुख शांति कर दो मेरी यह विनती सुन लो महाकाल
मेरे भोले नाथ तुम्हारी सदा............…........
सोमवार व्रत की महिमा अपरंपार
कर देते भक्त का क्षण में भवसागर से बेड़ा पार
मेरे भोले नाथ तुम्हारी सदा............…........
देव देवी सब तुम को ध्याते
तुम्हारी कृपा से ही जग में पूजे जाते
मेरे भोले नाथ तुम्हारी सदा............…........
जग के कण कण में तुम हो समाएं
तुम्हारी महिमा को ऋषि मुनि नित गाएं
मेरे भोले नाथ तुम्हारी सदा............…........
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला: सांबा, जम्मू कश्मीर