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रविवार, 27 फ़रवरी 2022

दादा दादी का प्यार

 शीर्षक - दादा दादी का प्यार 

विधा - आलेख( गद्य )

दादा दादी का प्यार सबको बचपन में खूब मिलता है । जब भी हमारे माता पिता हमें  हमारी गलती पर डांटने लगते हैं दादा दादी बीच में आकर हमारा बचाव करते हैं हम माता पिता की डांट से बच जाते हैं। दादा दादी की ज्ञान से भरी बातें हमेशा हमारा भविष्य में मार्गदर्शन करती है । दादा दादी का प्यार मनुष्य के लिए अनुपम उपहार है जिसकी तुलना किसी वस्तु से नहीं की जा सकती है ‌‌। 

आज के दौर में यह प्यार से भरा रिश्ता हमसे काफी दूर होता दिखाई दे रहा है ।क्योंकि आज के समय में सभी अलग अलग रहना चाहते हैं ।बूढ़े मां बाप को अपने साथ रखने के लिए कोई भी सहमति नहीं जताता है। कोई बच्चों की पढ़ाई का बहाना बनाकर मां बाप को ठोकरें खाने के लिए छोड़ देता तो कोई अपनी कामकाजी व्यस्तता का बहाना बनाता है।

इन सभी कारणों से छोटे बच्चे दादा दादी के प्यार से वंचित रह जाते हैं । दादा दादी ही अपने पोता पोतियों के पालन‌ पोषण में अपना पूरा योगदान देते हैं और उनकी भावनाओं को भलीभांति जानते भी हैं क्योंकि उनके पास बच्चों को पालन‌ का अनुभव अपने बहु बेटे से अधिक होता है।

बच्चे दादा दादी के साथ ही ज्यादा समय व्यतीत करते हैं क्योंकि उनके माता पिता घर के कामकाजों में व्यस्त रहते हैं उनके पास बच्चों के लिए अधिक समय निकाल पाना मुश्किल है। बच्चे दादा दादी के साथ ही हंसते खेलते हैं उनका प्यार पाकर हमेशा खुश रहते हैं।

स्वरचित एवं मौलिक

लेखक अमरजीत सिंह

जिला:सांबा , जम्मू कश्मीर

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