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बुधवार, 29 मार्च 2023

मेरी कमजोरियों पर जग हंसता

 #शीर्षक - मेरी कमजोरियों पर जग हंसता 

हे मेरे प्राणों से प्यारे मालिक 

मेरी कमजोरियों पर जग हंसता 

तेरी कृपा से मैं कभी नहीं डरता

हमेशा आगे ही कदम रखता 

मुझे कभी मत अकेले छोड़ जाना 

तूं ही तो मेरा मान गुमाना

तेरे संग कारण ही सब की बातें सह पाऊं

बिन तेरे एक पल में ही मर जाऊं 

मेरी हर इच्छा को तूं ही करता परिपूर्ण

हे कृपासिंधु मुझे अपने में मिलाकर कर संपूर्ण 

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर ‌

नाम निधान

 सतगुरु तेरी रहमत से पाया नाम निधान 

तेरी कृपा से मालिक मुझ निमाने को भी मिल गया मान 

तूं गुणी दाता सर्वशक्तिमान

मुझ निताने को तेरा ही तान 

मेरे मुर्शिद तूं सब पर मेहरबान

हम सबको दें अपने चरणों में स्थान 

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 

मंगलवार, 28 मार्च 2023

सतगुरु तेरे दर्शन को जाऊं बलिहार

 शीर्षक - सतगुरु तेरे दर्शन को जाऊं बलिहार 

सतगुरु तेरे दर्शन को जाऊं बलिहार

मुझ पापी को भी तूने दिया तार 

तेरी कृपा स्वामी अपरंपार

तेरी शरण आने वाला हो जाता भवसागर से पार 

तूने ला दी मेरे जीवन में बसंत की बहार

पांच बैरी तेरी रहमत से गए हार 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू-कश्मीर 


शुक्रवार, 24 मार्च 2023

सतगुरु मोही कियो निहाल

 सतगुरु मोही कियो निहाल , काट दियो सब भ्रमजाल

हृदय दिखायो दीन दयाल, बदल गई अब मन की चाल 


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जिला सांबा, जम्मू कश्मीर 


बुधवार, 22 मार्च 2023

भवसागर से पार कर दो मेरी नैया

 शीर्षक - भवसागर से पार कर दो मेरी नैया 

हे दयानिधान,  हे सर्वशक्तिमान, हे करुणानिधि 

हे कृपासिंधु, हे दीन दयाल, हे गरीब नवाज़ 

भवसागर से पार कर दो मेरी नैया 

तेरे जैसे कोई नहीं है खेवैया 

 दुःख सुख के भाव को दूर भगाओ

अंतर तीर्थ में मन को निर्मल बनाओ 

पांच विकार गुर कृपा से दूर करो

प्रेम प्यार की भावना हृदय में भरो 

छल कपट से मुझे बचाओ

द्वार पड़े को गले से लगाओ 

मेरी बेड़ी को पार लगाओ 

हे प्रभु निजधाम मुझे जल्दी बुलाओ 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 

शनिवार, 18 मार्च 2023

अब शरण तेरी आया हूं

 शीर्षक - अब  शरण तेरी आया हूं 

अब  शरण तेरी आया हूं राम

 मेरे पूरे  कर दो काम 

रैन दिनस जपूं तेरा नाम 

तेरे भक्त जन पग पहने मेरे तन की चाम

मुझे ले चलो प्यारे अपने धाम 

मन भी बैठ जाएं करके विश्राम 



स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 



गुरुवार, 16 मार्च 2023

दयानिधान

 दयानिधान अबकी बार तो लीजे उबार

शरण पड़ा मैं तेरे द्वार भवसागर से पार उतार

तू ही मेरा प्यारा यार सबसे बड़ा तेरा दरबार

तेरा नाम मेरा आधार पतित तारना तेरा व्यवहार 

स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 

शनिवार, 11 मार्च 2023

दुख दर्द तुम मिटा दो मेरे

 शीर्षक - दुख दर्द तुम मिटा दो मेरे 

" दुख दर्द तुम मिटा दो मेरे , बुरे भले हम सब तेरे 

हम बालक तुम मात पिता मेरे, अब हम पड़े हैं द्वार तेरे । "

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह 

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 




उल्टी रीति ऐ मन राता

 शीर्षक - उल्टी रीति मन राता 

उल्टी रीति ऐ मन राता , झूठ जूठन संग सदा ऐ लपटाता 

साधु संगति में कभी न जाता, इही कारन दुख अति पाता  

सतगुरु ही मन की रीति बदलाता, सुखनिधान से है मिलाता 

काया अंदर ही प्रभु दिखाता, मन ही मंदिर सदा सिखाता


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 

मंगलवार, 7 मार्च 2023

धर्मशाला

 शीर्षक - धर्मशाला 

" धरती तेरी धर्मशाला प्यारे, श्वास श्वास सिमरते तेरे भक्त प्यारे 

पशु प्रेत पत्थर को तारे , ऐसी तेरी रहमत प्यारे  । "

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , सांबा, जम्मू कश्मीर 



रज़ा

 शीर्षक - रज़ा 

" ऐ मालिक मुझे अपनी रज़ा में रखना

मेरी हर नापाक हरकत को अपनी रहमत से ढकना ।"


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 

नाम बिना जीवन कैसा जीना

 #शीर्षक - नाम बिना जीवन कैसा जीना 

" नाम बिना जीवन कैसा जीना, 

मीन का जल बिना रहना जैसा 

तेरे दर्शन से हर क्षण सुहाना ,

 तेरी याद बिना भला है जग से जाना ।"

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 

हुक्म

 #शीर्षक - हुक्म 

हुक्मी हुक्म चलाता, सारे जहान को नचाता 

बिना उसके हुक्म के, एक पत्ता भी हिल नहीं पाता 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 


सोमवार, 6 मार्च 2023

सतगुरु दिया नामधन अपार

 #शीर्षक - सतगुरु दिया नामधन अपार 

सतगुरु दिया नामधन अपार , हो गया मालामाल 

तन मन मेरा रंग दिया, कट गया भ्रमजाल

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 



दयाल तेरी दया बड़ी

 #शीर्षक - दयाल तेरी दया बड़ी 

दयाल तेरी दया बड़ी मोही अवगुण को ले तार 

शरण तेरी जो आ गया उसकी करते संभाल

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 


पा लिया तुझे गुणी निधान

 #शीर्षक - पा लिया तुझे गुणी निधान 

पा लिया तुझे गुणी निधान, हर जीव गाता तेरा ही यशगान

तुझे में रहता मेरा ध्यान जगतपिता तेरे लिए सब एक समान 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 

लोकलाज

 #शीर्षक - लोकलाज 

तेरे मार्ग पर चलने के लिए लोकलाज का कर दिया त्याग

 अब तो मिला दो मेरा जन्मों से बिछड़ा हुआ मेरा सुहाग


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 


रविवार, 5 मार्च 2023

नामदान

 #शीर्षक - नामदान 

याचक आया द्वारा पर रखिए उसकी लाज 

लोक परलोक को दीजिए आप संवार 

नामदान का सतगुरु करिए मुझको दान 

सारे जहां तेरे जैसा कोई नहीं दिखता महादान

नामदान से ही मुक्ति का मिलता द्वार 

जीव के रोम रोम में बस जाता तेरा प्रेम प्यार 

शब्द सुरति योग से सहजता से लगता ध्यान

कण कण में दिख जाते अविनाशी भगवान 

नामदान परमात्मा की दया मेहर रहमत का बड़ा निशान 

सतगुरु की कृपा से दोनों ज़हान में मिलता मान सम्मान 

ईश्वर ही धरा गुरू रूप में अवतार 

विषम भवसागर से नाम नाव से करते जन का बेड़ा पार 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 

होलिका दहन

 शीर्षक - होलिका दहन 

हरि सिमरन दुखहर्ता पहचान, 

भक्ति से ही मिलता मान सम्मान 

हिरण्यकश्यप दैत्य सुत प्रहलाद

श्वास श्वास में बस लिया जिसने अगम अगाध

हिरण्यकश्यप बहन होलिका जिस पाया वरदान

अधर्मी भाई का साथ निभाने का , जिसने लिया मन में ठान 

प्रहलाद के रक्षक है स्वयं भगवान 

हरि  बास कण कण में है जिसने लिया मान 

होलिका  दहन का गवाह बना सारा जहान

भक्त की लाज युगों से बचाते आए हैं भगवान 

प्रहलाद का बढ़ा दिया दोनों जहान में मान सम्मान

भक्त में हरि के बसते हैं  प्राण ।

स्वरचित एवं मौलिक‌ 

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 



शनिवार, 4 मार्च 2023

सब में बसता पारब्रह्म

 शीर्षक - सब में बसता पारब्रह्म

सब में बसता पारब्रह्म, करता सबकी संभाल

नित्य हृदय से याद करें, खत्म कर देगा समस्त जंजाल

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला सांबा, जम्मू कश्मीर 

गुरुवार, 2 मार्च 2023

मनमत का करो त्याग मना

 शीर्षक - मनमत का करो त्याग मना

 मनमत करो त्याग मना  , तभी होगा कल्याण मना 

तेरे जाग जाएंगे भाग मना , नामदान सतगुरु से मांग मना 

यम का डर भाग जाएगा मना , सतगुरु का शब्द बहुत अपार मना 

सतगुरु का शब्द हर श्वास से कमा मना, तेरे सब काज होंगे रास मना 

गुरु शब्द से मन के भ्रमों का होगा नाश मना, ऐसा अटल सतगुरु का प्रकाश मना

शब्द सुरति का मार्ग अपना लें मना, प्रेमा भक्ति में रंग जा मना 

सबको अपना बना लें मना , प्रभु की ज्योति सब में समाई है मना


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 



प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...