शीर्षक - धर्मशाला
" धरती तेरी धर्मशाला प्यारे, श्वास श्वास सिमरते तेरे भक्त प्यारे
पशु प्रेत पत्थर को तारे , ऐसी तेरी रहमत प्यारे । "
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , सांबा, जम्मू कश्मीर
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...
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