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गुरुवार, 30 सितंबर 2021

अंतर आत्मा की आवाज़

#विषय - अंतर आत्मा की आवाज

  विधा - छंदमुक्त कविता


सच के मार्ग पर ले जाती, 

मिथ्याचार से दूर भगाती, 

हृदय को कोमल करती , 

 अंतर आत्मा की आवाज । 


सच झूठ का फर्क बताती, 

पाप करने से बचाती, 

मन से बुरे भाव मिटाती, 

अंतर आत्मा की आवाज। 


इंसान के हृदय में दया भाव जगाती, 

सबको एक ईश्वर की संतान बताती, 

प्रेम का रिश्ता सबसे बनाती, 

अंतर आत्मा की आवाज। 


मनुष्य को देव बनाती, 

कण कण में ईश्वर का वास बताती

हृदय में ही ईश्वर का साक्षात्कार कराती

अंतर आत्मा की आवाज। 


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर






बुधवार, 29 सितंबर 2021

हम सब है एक ईश्वर की संतान


 #विषय - हम सब है एक ईश्वर की संतान 

  विधा - कविता


हम सब है एक ईश्वर की संतान, 

क्यों करते हैं मिथ्या अभिमान । 


ईश्वर ने सबको एक समान बनाया, 

अपनी परम ज्योति को काया में ठहराया। 


इंसान को सब योनियों से श्रेष्ठ बनाया, 

इंसान को अपना निज स्वरूप बताया। 


इंसान ने मोहमाया में चित लगाया, 

ईश्वर के परोपकारों को भुलाया। 


झूठ अभिमान में इंसानियत से मुंह मोड़ा, 

ईश्वर से अपना नाता तोड़ा। 


दया, क्षमा, मैत्री भाव को हृदय से निकाला, 

अपना चित्त स्वार्थपन से भर डाला। 


इंसान अपने अस्तित्व को पहचान, 

तभी मिटेगा मन का मिथ्या गुमान। 


हम सब है एक ईश्वर की संतान

सब में रहता वो विद्यमान । 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा ,जम्मू कश्मीर






मंगलवार, 28 सितंबर 2021

शहीदे आजम भगत सिंह

 नमन मंच 🙏 🙏 🙏 

विषय - शहीदे आजम भगत सिंह

विधा - छंदमुक्त कविता

देश भक्ति जिसके रोम रोम में समाई थी, 

अंग्रेज़ों को भगाने की जिसने दिली इच्छा बनाई थी, 

भगत सिंह ने अंग्रेजो का विरोध करने की नीति अपनाई थी, 

प्राणों से प्यारी जिसको भारत की आज़ादी थी, 

खतरों से खेलने की जिसने आदत बनाई थी, 

ब्रिटिश संसद में जिसने बम विस्फोट से अंग्रेजी सरकार को जगाया था, 

बम विस्फोट के माध्यम से अपना विरोध जताया था, 

भारत माता के लाल ने अपना फर्ज खूब निभाया था, 

आज़ादी की लड़ाई में सबको नया सबक पढ़ाया था, 

फांसी को फंदे को अपना हार बनाया था, 

भारत माता के चरणों में शीश चढ़ाकर अपना अंतिम कर्तव्य निभाया था 

 भारतीयों में आजादी के लिए मर मिटने का जोश जगाया था।


स्वरचित एवं मौलिक 

 अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर





शनिवार, 18 सितंबर 2021

कुर्सी की लड़ाई

  नमन मंच🙏🙏🙏

#क़लम की ताक़त साहित्यिक समूह, भारत

दिनांक  - 18/09/2021

 दिन - शनिवार

 #विषय - कुर्सी की लड़ाई

  विधा - छंदमुक्त कविता


सब नेताओं को कुर्सी प्यारी, 

नियत इनकी यही हर बारी । 


जनता को आपस में लड़वाते, 

हर बार ऐसे ही अपना वोट बनाते। 


कुर्सी की खातिर दीन ईमान भूल जाते, 

सबकी भावनाओं का सिर्फ  फायदा उठाते। 


कुर्सी ने ही इनको लड़वाया, 

एक दूसरे का दुश्मन बनाया । 


जनता के भले की न इनको परवाह, 

अपना घर भरने की दूसरे चोरों से लेते सलाह। 


कुर्सी की ताकत मिलते सब वादे भूल जाते, 

जनता का पैसा क्षण में चट कर जाते। 


गरीबों के नाम से योजनाएं बनाते, 

गरीब को एक पैसे का लाभ न पहुँचाते। 


कुर्सी की भूख नेताओं को इंसानियत से गिराती, 

गरीब को खून के आंसू रूलाती। 


कुर्सी की ताकत का जब होगा सही इस्तेमाल, 

तभी देश होगा पूरी तरह खुशहाल। 


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर ( केन्द्र शासित प्रदेश) 





शुक्रवार, 17 सितंबर 2021

प्रेम दीवानी मीराबाई

  नमन मंच🙏🙏🙏

#गूंज क़लम की जम्मू कश्मीर इकाई

दिनांक  - 20/09/2021

 दिन - सोमवार

 #विषय - प्रेम दीवानी मीराबाई

  विधा - कविता


मीरा प्रेम दीवानी हर श्वास से गिरिधर गिरिधर गाने लगी, 

अपनी निष्काम भाव सेवा से ,

गोपाल को रिझाने लगी  । 

मोह माया के बंधन तोड़ कर,

 लिव श्यामा से जोड़कर ,

प्रीत की रीति निभाने लगी । 

विष का प्याला पिया ,

तन तन धन सब संवारे को समर्पित किया, 

प्रेम दीवानी यशोदानंदन के रंग में रंग जाने लगी। 

लोक लाज को भुलाया, 

प्रेम दीवानी ने अपनों से दुख बहुत पाया, 

अपनी प्रेम प्रीत में ही नंदलाला का दर्शन पाने लगी । 

कलयुग में द्वापर युग जैसा सुख पाया, 

हर घड़ी प्राण प्रिय को सामने पाया, 

प्रेम दीवानी कान्हा संग प्रेम सागर में डूब जाने लगी । 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर





बुधवार, 15 सितंबर 2021

गणेश वंदना


 #विषय - गणेश वंदना

  विधा - छंदमुक्त कविता


प्रथम  नमन गणपति को करे, 

तन मन के सब दुख हरे । 


माँ गौरा को बहुत प्यारे, 

पिता महादेव की आंखों के तारे। 


रिद्धि सिद्धि के तुम ही दाते, 

भक्तजन सब फल तुम से पाते। 


विघ्न बाधाओं को तुम क्षण में हरते, 

मंगल सबका गौरीनंदन करते । 


एकदंत अनेक नाम तुम्हारे, 

प्रेम से तुमको सब बप्पा पुकारे। 


 स्मरण तुम्हारा दुख मिटाये, 

सबको सुख समृद्ध बनाये। 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

सांबा, जम्मू कश्मीर

मंगलवार, 14 सितंबर 2021

हिंदी दिवस

 हिंदी भाषा भारत की शान बढ़ाती

सबको समानता का पाठ पढ़ाती


सब भारतीय भाषाओं की माँ कहलाती, 

भाषाओं को आगे बढ़ने का राह दिखाती। 


हिंदी भाषा भारत में सबसे ज्यादा बोली जाती, 

राष्ट्र भाषा होने का मान है पाती। 


हिंदी भाषा रचनाकारों को भाती, 

मनमोहक काव्य रचनाएँ इसी में लिखी जाती। 


हिंदी सब में मिठास घोलती, 

ज्ञान चक्षुओं को अपने शब्दों से खोलती। 


हिंदी ही संपूर्ण राष्ट्र को एकता के सूत्र बांधती, 

मानवता को ही श्रेष्ठ धर्म मानती। 


हिंदी ही हिंददेश को मजबूत बनाती, 

पूरे विश्व में भारत की एकता की शक्ति दिखाती। 


स्वरचित एवं मौलिक

 अमरजीत सिंह

सांबा, जम्मू कश्मीर



हिंदी 


रविवार, 5 सितंबर 2021

शिक्षक


विषय -  हमारे जीवन में शिक्षक की भूमिका 


शिक्षक ईश्वर तुल्य माना जाता, 

जीवन जीने की नई राह दिखाता । 


अज्ञान की सब परतें हटाता, 

ज्ञानवान हमें बनाता। 


ज्ञान का सागर कहलाता, 

ज्ञान के हीरे मोती हम पर लुटाता। 


किसी से भेदभाव न करता, 

मन के सारे भ्रम हरता। 


निष्काम भाव से सेवा कमाता, 

सब पर अपना प्रेम लुटाता। 


शिक्षक ही पथप्रदर्शक कहलाता, 

जीवन को सुखमय बनाने का राह दिखलाता। 


गलती करने पर डांट फटकार लगाता, 

सही राह पर चलने की सीख सिखाता। 


शिक्षक ही शिष्य को सफल बनाता, 

माता पिता जैसे ही प्यार लुटाता। 


 स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जम्मू कश्मीर, जम्मू



प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...