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सोमवार, 28 अक्टूबर 2024

उदिति

विषय उदिति

गुरकृपा से उदिति हुआ मन मेरा, टूट गया माया का घेरा

सब है नूर तेरा ही तेरा, मन बन गया तेरा चेरा।

स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर

गुरुवार, 24 अक्टूबर 2024

गलियाँ

विषय गलियाँ

तेरी गलियाँ में आकर सुकून बहुत पाता हूँ ,

दुनियादारी के सब झंझट भूल जाता हूँ ।

तेरी याद में ही सब सुखों का आनंद उठाता हूँ ,

अपने आप को तेरा- तेरा कहता ,तेरा ही बन जाता हूँ।




स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर

मंगलवार, 22 अक्टूबर 2024

बसेरा


#विषय बसेरा
इस जहान में तेरा, दो दिन का है बसेरा ।
बिना गुरुज्ञान के दूर नही होगा,तेरी अज्ञानता का अंधेरा।
छोड़ दे तूँ अब करना , तेरा मेरा ।
सब ओर पडा है, माया का ही  घेरा।

स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर

सोमवार, 21 अक्टूबर 2024

विभोर


मन हो गया भाव विभोर ,जब दर्शन देखा मन माही 

अब मैं मिट गया, तूँ ही हाजर हजुर सबनी थाही


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर

शुक्रवार, 18 अक्टूबर 2024

कश्ती

कश्ती मेरे जीवन की, फंस गई बीच मझधार ।

अच्छा हूँ या बुरा हूँ , तूँ ही मुझे अब तार ।

अवगुणों पापों से भरा पडा, मेरा किरदार 

तेरे सहारे मेरी कश्ती, लगा दे अब भवसागर से पार।

स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

सांबा- जम्मू-कश्मीर 



गुरुवार, 17 अक्टूबर 2024

सिलसिला


सिलसिला प्रेम का कभी न होगा कम

मुश्किले मुसीबते आती रहे हर दम 

इरादों को तोड़ न पायेगा कोई गम 

प्रेम लीनता पाते ही भूल जाओगे सब गम।


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर 


शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2024

तूं परब्रह्म स्वामी मेरा


मोहि आस ,भरोसा तेरा 

तूं परब्रह्म स्वामी मेरा 

अगम अगोचर  सब थाउ है तेरा बसेरा

अब तो डाल दो हृदय में फेरा 

संसार का ही भाव है तेरा मेरा 

मन का गुलाम बना गया माया का चेरा 

बिना गुरु के सब ओर अँधेरा ही अँधेरा 

गुरु ज्ञान से टूटे गया झूठी माया का डेरा


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर 

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...