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सोमवार, 28 अक्टूबर 2024

उदिति

विषय उदिति

गुरकृपा से उदिति हुआ मन मेरा, टूट गया माया का घेरा

सब है नूर तेरा ही तेरा, मन बन गया तेरा चेरा।

स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर

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