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शुक्रवार, 29 नवंबर 2024

बढ़ता प्रदूषण


 बढ़ता प्रदूषण कर रहा है जीवन को बेहाल ,

रोकने का अब करो ख्याल ,

प्रदूषण फैलाता रोगों का जाल ,

सबका हो गया बुरा हाल ।।

पेड़ पौधे  काटकर  मनुष्य बना बैठा होशियार, 

रोगों का सह रहा अब प्रहार,

सुखद जीवन हो गया दुश्वार ,

अब ढूंढ रहा उपचार ।।

प्रकृति से छेडछाड पड़ गई भारी ,

चारों ओर फैल गई प्रदूषण की भयंकर बीमारी,

प्रदूषण से तबाह हो रही दुनिया सारी ,

अब दिखा रहा है अपनी लाचारी।।


स्वरचित एवं  मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला - सांबा,जम्मू-कश्मीर 





बुधवार, 13 नवंबर 2024

दौर नफ़रत का

 दौर नफ़रत का

दौर नफ़रत का अब होगा खत्म ,

अमन शांति का पुजारी मेरा वतन। 

नफ़रत का हम से नहीं कोई वास्ता ,

हमने सदा अपनाया प्रेम भाव वाला रास्ता।


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर

मंगलवार, 12 नवंबर 2024

मुलाकात

 मेरी मुलाकात जिन्दगी से, एक दिन  हो गई 

अपना सुख दुख बांट कर, वो जी भर रो गई ।

क्या खोया क्या पाया ,यही बताने में भी कहीं खो गई 

वो भी अपना दुखड़ा, मेरे सामने रो गई


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर 

बुधवार, 6 नवंबर 2024

क़तरा

क़तरा

क़तरा क़तरा खून का,

देश की आन बान शान की खातिर बहा दूँगा ।

बात जब आई देश की सुरक्षा की ,

अपने प्राणो की बलि भी चढ़ा जाऊँगा ।


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर

मंगलवार, 5 नवंबर 2024

सियासत

 सियासत में धर्म कर्म का हो जाता लोप,

सत्ता को पाने का सब में होता लोभ ।

एक दूसरे पर सब लगाते आरोप प्रत्यारोप,

तभी तो बन पाते है उनके वोट ।



स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर

सोमवार, 4 नवंबर 2024

फानी

 अंतर चक्षु जब खुला, जान ली जीवन की कहानी 

आँखों से जो दिखा रहा है,  सारा संसार है फानी।

स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...