क़तरा
क़तरा क़तरा खून का,
देश की आन बान शान की खातिर बहा दूँगा ।
बात जब आई देश की सुरक्षा की ,
अपने प्राणो की बलि भी चढ़ा जाऊँगा ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...
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