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बुधवार, 6 नवंबर 2024

क़तरा

क़तरा

क़तरा क़तरा खून का,

देश की आन बान शान की खातिर बहा दूँगा ।

बात जब आई देश की सुरक्षा की ,

अपने प्राणो की बलि भी चढ़ा जाऊँगा ।


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर

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