#बरजोरी
बरजोरी गरीब पर मत करना मेरे यार
जीवन में हमेशा मिलेगी हार।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा ,जम्मू-कश्मीर
#बरजोरी
बरजोरी गरीब पर मत करना मेरे यार
जीवन में हमेशा मिलेगी हार।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा ,जम्मू-कश्मीर
#शीर्षक-आत्मा की पुकार
हे जगदीश्वर मेरी आत्मा नित्य दिन करें पुकार
अपने जन को अब तो लो तार
साईं सब ओर अंधेरा छाया है
मोह माया ने कोहराम मचाया है
मेरे मन के सब भ्रम मिटा दो नाथ
मेरे मस्तक पर रख दो अपना रहमतों भरा हाथ
सतगुरु तूं ही मीत सखा तूं ही दाता दातार
तेरी रहमत बिना कोई नहीं होता भवसागर से पार
सृष्टि का कण कण तुझे ही गाता है
तेरी रहमत से ही सबको जीवन मिल पाता है
मेरी आत्मा ने अब तुझे पहचान लिया
जन्मों जन्मों का हमारा तेरा नाता है यह भी अब जान लिया
आत्मा को अब प्रीतम प्यारे इस देश से आजाद करो
घोर पाप जो हमसे हुए उसे दयानिधान माफ करो
हे कृपासिंधु हम भी अपने में मिला लो
आवागमन के चक्र से हमेशा के लिए बचा लो
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#इक़रार
मुझे तेरी सोहबत में हरदम रहना भाता है
दुनिया की लज्जत से अब मन घबराता है
तेरा साथ मेरा इक़रार हमारा रिश्ता है प्रेम प्यार
तूं मेरे मालिक तूं है यारो का यार
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#बज़्म
वो बज़्म मुझे ना सुहाये एक रत्ती भर भी गुसाईं
जहां तेरा कोई जिक्र न हो मेरे प्रीतम स्वामी
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#रेशम
रेशम सा कोमल मुलायम है हर नाता
सब नातों को प्रेम से ही निभाया जाता
अगर सब शंकाओं का निवारण सोच समझकर होता
कोई भी रिश्ता कभी न खोता
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा जम्मू कश्मीर
#फ़ना
फ़ना मेरा तेरे लिए मेरी होना मेरी अच्छी तक़दीर
तेरा इश्क ने मेरे मुर्शिद मेरी बदल दी किस्मत की लकीर
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#मिलन
तेरे मिलन से मेरी मुक्ति का रास्ता बनना है मेरे मीत
मेरे हर श्वास में बजते हैं तेरे प्रेम प्यार के गीत
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#पुकार
मेरे दिल करता है नित्य यही पुकार
तूं ही ठाकुर अगम अपार
आवागमन से थक गया मैं तारणहार
मुझे भवसागर से कर दें पार
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#शीर्षक - भगवान श्रीकृष्ण
मथुरा में लिया अवतार ,
आए जगत के तारणहार
देव देवियों ने गाया मंगलाचार ,
वासुदेव देवकी के घर आया जगत का पालनहार
सृष्टि का कण कण तुझे करता नमस्कार ,
लगता है बिना बसंत ऋतु के आ गई हो बहार
अब कंस का खत्म होगा अत्याचार,
भक्तजनों को स्वयं करेंगे उदार
महिमा गाता सारा संसार,
तेरा रूप सुंदर अपरंपार
भक्ति भावना से झूमा सारा संसार,
भगवान का दर्शन होगा अब बारंबार
तारणहार मुझे भी अब तार,
कब से बैठा हूं तेरे द्वार
मेरा तेरे से जन्मों जन्मों का प्यार,
मुझे तार लो तारणहार
मैं हूं मूर्ख अंध गंवार ,
तुम हो सृष्टि के पालनहार
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#अनुभव
शिक्षक का अनुभव शिक्षा को सरल बनाता
विषय वस्तु को पढ़ने में दिलचस्पी जगाता
विद्यार्थी दौड़ता दौड़ता विद्यालय आता
ज्ञानार्जन कर महाविद्वान बन जाता
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
शीर्षक - तिरंगा
तिरंगा मेरे भारत की शान है
तेरे लिए मेरी जिंद जां कुर्बान है
तूं हमेशा लहराता रहे
भारतवर्ष की महिमा को गाता रहे
अनगिनत वीरों ने तेरे लिए दी कुर्बानियां
मैंने पढ़ी है उनके शौर्य की कोटि कहानियां
तूं भारत की आन बान मान प्रतीक है
समस्त भारतवासी गाते तेरी महिमा के गीत है
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा जम्मू कश्मीर
शीर्षक -आजादी के दीवानों पर भारत देश करता है मान
आजादी के दीवानों पर भारत देश करता है मान
तुम्हीं ने बढ़ाई भारत माता की शान
अंग्रेज़ी शासन की बेड़ियों में जकड़ी भारत भूमि ने तुमको पुकारा
भारत भूमि पर सबने अपने जीवन को बारा
अंग्रेज़ी शासन की बेड़ियों को काटकर तुमने दिखाया
भारत भूमि पर अब तिरंगा है फहराया
वीर सपूतों की कुर्बानियों को शत् शत् नमन
तुम्हारी कुर्बानियों की बदौलत भारत देश बना है
आजादी का पंचहतर वां आजादी का जश्न है
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह (शिक्षक एवं कवि)
जिला सांबा जम्मू कश्मीर
#लहज़ा
सतगुरु तेरी नजर का एक लहज़ा ही काफी
सारे गुनाहों से मिल जाती माफी
सतगुरु के बोल होते हैं बहुत अनमोल
खोल देते हैं संसार के झूठे रिश्तों की पोल
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#शीर्षक - घर घर तिरंगा
आओ मिलकर तिरंगा फहराते हैं
देश की आन बान शान के लिए मर मिटने की कसम खाते है ।
नव पीढ़ियों को तिरंगे की अहमियत बताते हैं
चलो सब मिलकर एक स्वर में भारत भूमि की महिमा गाते हैं।
देश की आजादी के लिए मर मिटने वालों को अपना शीश झुकाते हैं
देश की अखंडता एकता बनाए रखने के लिए प्रयासरत हो जाते हैं ।।
धर्म,जाति, भाषा के नाम पर लड़ने वालों को सही राह दिखाते हैं
देश को तोड़ने वालो को मार मारकर भगाते हैं ।
देश की अखंडता,एकता को हमेशा बनाए रखने की कसम हम मिलकर खाते हैं
आजादी की ७५वीं वर्षगांठ पर हर घर में तिरंगा फहराते हैं।।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#पाजे़ब
तेरी पाज़ेब की छम छम करती है मुझे कायल
तेरी हसीन अदाओं से मेरा दिल पहले से घायल ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#शहीद और उनका परिवार
भारत मां के लिए कुर्बान होना किस्मत की बात है
तेरी सुहागिन तेरे जाने से बहुत उदास है
कोई आंसू पोंछने आता नहीं है
तेरे बिना ढांढस कोई बांधता नहीं है ।।
मां बाप का रो रोकर बुरा हाल है
भारत माता के लिए कुर्बान हुआ वो मेरा इकलौता लाल है
बुढ़ापे की लाठी टूटने का नित दुख मनाते हैं
जवान बहु को सफेद साड़ी में देखकर आंसुओं की धारा बहाते हैं।।
बच्चों का भी रोना रूकता नहीं है
बिना बाप के जीना जीना नहीं है
कौन बच्चों को अब लाड़ प्यार करेगा
बगैर बाप के अब चलना मुश्किल पड़ेगा ।।
इतनी मुश्किलों के बाद भी परिवार सब सहन करेगा
शहीद की कुर्बानी पर हर सदस्य का मान बढ़ेगा
भारत भूमि के लिए सब कुर्बान करूंगा
अपने हर श्वास को तेरे नाम करूंगा।।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा जम्मू
#तराना
प्यार का तराना मैं गुनगुनाता हूं
सबको प्रेम प्यार से रिझाता हूं
मेरे लिए कोई भी पराया नहीं है
तूने मुझे अपने दिल में अभी तक बसाया नहीं है
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
शीर्षक - रेशम की डोरी
रेशम की डोरी प्यार भरे रिश्ते का एहसास
रक्षाबंधन का पर्व होता है बहुत खास
बहन की दुआएं भाई के पास रहती हर दम पास
यही बनाता बहन भाई के रिश्ते को बहुत खास।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
शीर्षक - देश की आजादी
देश की आजादी के लिए अपनी जान कुर्बान करता हूं
अनेकता में एकता की भावना पर मैं मान करता हूं
अपने खून का कतरा कतरा देश के नाम करता हूं
अपने रोम रोम से भारत भूमि का यशगान करता हूं
देश मान सम्मान की रक्षा के लिए अपना बलिदान करता हूं
मै देश के सब धर्मों का सम्मान करता हूं
राम,रहीम, नानक,ईसा को दिल से प्रणाम करता हूं
मेरे अखंड भारत की संस्कृति पर बहुत अभिमान करता हूं
मेरे प्यारे वतन मैं तुझे अपने हर श्वास से सलाम करता हूं
जिंदगी का हर पल तेरे नाम करता हूं
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#लहजा ( बात करने का ढंग)
ऐसा लहजा मत बनाना लज्जा का कारण बन जाएं
तुमसे बात करने से हर कोई कतराएं
मीठे मीठे बोल से सब अपने बन जाएं
अच्छा लहजा सम्मान सबसे अपने आप दिलाएं।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
# जिंदगी की किताब
जिंदगी की किताब को हर कोई नहीं पढ़ पाता
अज्ञानता के कारण आत्मा को आवागमन के चक्कर में फंसाता
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
दया निधान शरण तुम्हारी मुक्ति का धाम
कण कण में बसता है तुम्हारा नाम
पल में संवारते सबके काम
मेरे हृदय में बस जाओ राम
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा जम्मू कश्मीर
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा जम्मू कश्मीर इकाई
मेहर की बौछार
मालिक तेरे बंदे हम करो मेहर की बौछार
अबकी बार बख्श लो हम तेरा ही परिवार
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला- सांबा, जम्मू कश्मीर
#मंजिल
अगर मंजिल को पाना है स्वयं राह बना लो
राह की मुश्किलों से लड़ने के लिए अपना हौसला तो बढ़ा लो
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#घटा
ऐ घटा अब बादल बनकर बरस जाना
मेरे अतृप्त मन को अपनी प्रेम बूंद से सींच जाना
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#शीर्षक - कोशिश
कोशिश ही सफलता का राह बताती
जीवन के हर क्षण में नई सीख सिखाती
विघ्न बाधाओं को दूर भगाती
सफलता को पाने के नए नए तरीके बतलाती।
कोशिश ही विघ्न बाधाओं को दूर करती
आगे बढ़ने की हिम्मत स्वयं ही बढ़ती
सफलता की सीढ़ी कोशिश करने से मिलती
मंजिल की राह कोशिश से होकर गुजरती ।
कोशिश का महत्व हर कोई नहीं समझ पाता
बिना कोशिश के ही हार मान जाता
जो कोशिश करता वहीं मंजिल को पाता
कोशिश ही यशगाथा सबको अपने मुख से सुनाता।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला- सांबा जम्मू कश्मीर
#धर्ता
सृष्टि के कर्ता धर्मा तुमको मेरा प्रणाम
द्रौपदी की लाज बचाई तुम्हीं दया के धाम
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा जम्मू कश्मीर
#दयानिधान
दयानिधान मोहे अपने नाम करो दान
मेरे रोगी मन का मिट जाए गुमान
सुख दुख तेरा फुरमान
तूं दाता हमेशा रहता मेहरबान
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा जम्मू कश्मीर
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...