#शीर्षक - घर घर तिरंगा
आओ मिलकर तिरंगा फहराते हैं
देश की आन बान शान के लिए मर मिटने की कसम खाते है ।
नव पीढ़ियों को तिरंगे की अहमियत बताते हैं
चलो सब मिलकर एक स्वर में भारत भूमि की महिमा गाते हैं।
देश की आजादी के लिए मर मिटने वालों को अपना शीश झुकाते हैं
देश की अखंडता एकता बनाए रखने के लिए प्रयासरत हो जाते हैं ।।
धर्म,जाति, भाषा के नाम पर लड़ने वालों को सही राह दिखाते हैं
देश को तोड़ने वालो को मार मारकर भगाते हैं ।
देश की अखंडता,एकता को हमेशा बनाए रखने की कसम हम मिलकर खाते हैं
आजादी की ७५वीं वर्षगांठ पर हर घर में तिरंगा फहराते हैं।।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
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