#सचखंड
" सतगुरु मेरे तूं सचखंड का वासी तहां बसत है अचल अविनाशी ,
चार पदार्थ,अष्ट सिद्धि नौ निधियां सब तेरे चरणों की दासी।"
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#सचखंड
" सतगुरु मेरे तूं सचखंड का वासी तहां बसत है अचल अविनाशी ,
चार पदार्थ,अष्ट सिद्धि नौ निधियां सब तेरे चरणों की दासी।"
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#प्रेम संदेश
" प्रेम संदेश प्रभु का दे रहे संत सुजान
अज्ञान मति ध्यान नहीं देत है जिसमें है आत्मा का कल्याण। "
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#लोभ
" लोभ लालच बहुत बुरा भूल जाते शुभ संस्कार
ऐसे कर्म कमाकर जीवन बाजी सब जाते हार ।"
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#सतगुरु तेग बहादुर
सतगुरु तेग बहादुर को सब धर्म रक्षक बुलाते हैं,
अपरंपार महिमा सभी हृदय से गाते है।
सतगुरु की महान शहादत को याद कर ,
बारंबार शीश झुकाते हैं।
सतगुरु की प्यारे भाई मतीदास, भाई सतीदास,भाई दयाला जी ,
सतगुरु का हुक्म कमाते हैं ।
शहादत देकर अपनी सबको ,
सम्मान से जीने का पाठ पढ़ाते हैं।
जुल्म के आगे कभी न झुकाना ,
यही पाठ पढाते है।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#अवगुण
मेरे अवगुण बहुत बहुत स्वामी तुम ही पारगामी
इस जगह में विरले जन ही तेरे सच्चे नामी
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#काल संदेश दे रहा
काल संदेशा नित दे रहा अब बांध लो अपना सामान
गुण अवगुण का लेखा देना नहीं आसान
शब्द सुरित के मेल बिना नहीं पा पाता है कोई प्रभु का धाम
प्रभु मिलन की युक्ति सभी धर्मों में एक समान
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
सांबा, जम्मू कश्मीर
#शुभकर्म
सतगुरु दाता मोही शुभ करना सिखाया
मोहे पापी मनमति ने शुभ उपदेश को भुलाया
बाहरी कर्म काण्डों में व्यर्थ समय गंवाया
अंतर तीर्थ का कभी न नहाया
मृगतृष्णा में सकल जन्म बिताया
सांसारिक सुख की खातिर परमपिता परमेश्वर को बिसराया
ऐसी मति मारी मेरी माया
जंजाल में खुद को फंसाया
सब ओर अज्ञानता का अंधकार छाया
मेरे मन तूने सुखदाता का अविनाशी नाम भुलाया
सतगुरु मोही अपने पास बुलाया
प्रेम भक्ति का मार्ग मुझे बताया
सतगुरु प्रीतम ने मेरे सब अवगुणों को जलाया
डोलते गिरते मन को अंतर में टिकाया
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#संतन धूलि
संतन धूलि भाग्य से मिले,हरे कोटि अपराध
संतन के मार्ग पर जो चले, घर बैठे ही बन जाए महासाध
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#प्रेम दीवानी
प्रेम दीवानी क्या रें उपाय , बिना कामिल मुर्शिद के सब भ्रम माया ।
बिना युक्ति के लोक परलोक में धक्के खाया, सबको ऐसी मोहमाया में फंसाया।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#सतगुरु दया करो
सतगुरु दया का सागर,
उसके हर एक शब्द में बहुत सारे रत्नागर
तेरी वाणी सुनने से सब तर जाते भवसागर
यही परोपकार तेरा करता तेरी अकथ महिमा को उजागर
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#विरह की तड़प
विरह की तड़प किसी विरले को लगती है
प्रेम प्यार में भजन बंदगी, केवल तेरी निवाजी आत्मा करती है
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#मन मेरे छोड़ नादानी
मन मेरे छोड़ नादानी,सांस सांस सिमर तिस को जिस एह मानस देही सजानी
चार दिन के पाहुन ज़हान पर , क्यों मोह माया संग लपटानी
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
दातों के चक्कर में दाता बिसरा दिया
चौरासी के चक्कर में खुद को फंसा लिया
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#भजन बंदगी
भजन बंदगी से प्यार अपना जताता हूं
तेरी रहमतों पर ही जिंदगी का हर पल बिताता हूं
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#आत्मा परमात्मा का रिश्ता
आत्मा परमात्मा का रिश्ता बहुत खास
भूल गया अपने वजूद को बन गया है मोह माया का दास
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#मन के शिकार
मन के विकार पहुंचा देते नर्क के द्वार
गुरु कृपा से जीव होता संसार सागर से पार
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
स्वामी तेरे घर में जाति धर्म का कोई नहीं नाम
सेवा सिमरन सत्संग से मिल जाता मुक्ति का धाम
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#विनय
सुनो विनय मेरे सतगुरु दीनदयाल हम तेरे ही भूले भटके लाल
मुझ डूबते हुए को सहारा देकर तुमने कर दिया कमाल
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#कर्म बंधन
कर्म बंधन में सब बंधे जिन संग लगाया चित्
मुक्त पदार्थ तिन को मिला जो अंतर से गाते प्रभु के गीत
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#नामधन
मेरे प्यारे नामधन का मोही करो दान
मेरे रोम रोम में बस जाएं तेरा प्यार नाम
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#मोह माया का जाल
मालिक तेरा संसार मोह माया का लगता है जाल
आठों पहर घेरे रहता मन को विशाल काल
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#सतगुरु मेरा सच्चा यार
सतगुरु मेरा सच्चा यार है मेरे मालिक तेरे बिन ऐ जिन्दगी भी बेकार
कण कण में दिखता तेरे ही प्यार तेरे दर पर मिलती खुशियां बेशुमार
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#मालिक तेरे नाम का अद्भुत प्रताप
मालिक तेरे नाम का अद्भुत है प्रताप
दूर करता है तन मन के सब संताप
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू कश्मीर
#तेरा नाम सुखदाई
तेरा नाम सुखदाई करता है अंतर मन की सफाई
एक क्षण भी जपना बहुत फलदाई सतगुरु ने मोही यहीं युक्ति सिखाई
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा, जम्मू कश्मीर
#सतगुरू नानक
कार्तिक पूर्णिमा को सतगुरु नानक ने लिया अवतार
ऐसा लगता है आ गया है निरंकार लेकर आकार
सारा ब्रह्मांड कर रहा है सतगुरु तेरी जय जयकार
धरती भी गाती नजर आती आज मंगलाचार
आ गया है संसार का तारनहार
धन्य गुरू नानक तूँ ही निरंकार
सारी सृष्टि का तूँ ही पालनहार
जिस पर तेरी मेहर, हो जाता भवसागर से पार
लो अब दीन गरीबों की सार , तेरी टेक ही संसार का आधार
लुटाने आए तुम सब पर प्यार, ले अब मुझे भूले भटके को तार।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
ज़िला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#धन्य गुरु नानक तूं ही निरंकार
सृष्टि पर ईश्वर करने आए परोपकार,
लिया गुरु नानक रूप में अवतार
तूने पापियों को भी लिया तार
तेरी दृष्टि पड़ने से हो जाते सब भवसागर से पार
सारा ब्रह्मांड तुझको गाता धन्य गुरु नानक तूं ही निरंकार
सृष्टि पर करने.........................
जात पात का भ्रम मिटाकर
सबको एक ईश्वर की संतान बताकर
सारे संसार में ज्ञान दीप जलाकर
सब वर्णों को एक बनाकर
सृष्टि पर करने.........................
कोढ़ी का कोढ़ मिटाकर
हृदय में भक्ति की ज्योति जगाकर
रोगियों को गले लगाकर
सब पर आए लौटने प्यार
सृष्टि पर करने.........................
ठगों को संत बनाकर
निरंकार की महिमा गाकर
मानवता का सबको पाठ पढ़ाकर
दुनिया पर किया महान परोपकार
सृष्टि पर करने.........................
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#सतगुरु नानक तेरी महिमा अपरंपार
सतगुरु तेरी महिमा अपरंपार करती सबका उद्धार
तेरी राह पर चलने वाला हो जाता भवसागर से पार
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#सतगुरु नानक तेरी वाणी
सतगुरु नानक तेरी वाणी परमात्मा की आवाज़
सबके अंदर गूंज रहा एक का ही साज
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
#ईर्ष्या
ईर्ष्या करने वाले ईश्वर से विमुख हो जाते
अशुभ कर्मों के प्रभाव से करोड़ों युग नर्क में सज़ा पाते
अपना दुख किसी को न बता पाते
ईर्ष्या पालने के कारण स्वयं को अग्नि में जलाते
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#जेलखाना
संसार में हर कर्म जेलखाने में ले जाता
निष्काम भाव केवल प्रभु प्रेम से आता
सतगुरु ही अंतर आत्मा की भक्ति सिखाता
बाकी केवल कर्म कांड ही कहलाता
शब्द सुरति का मार्ग ही मुक्ति दिलाता
आवागमन का चक्र हमेशा के लिए मिट जाता
मन वश करने की विधि का केवल सतगुरु ही ज्ञाता
विधिपूर्वक सुमिरन ही हमें रूहानी मंडलों की अवस्था तक पहुंचाता
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#अपार
तेरी कुदरत स्वामी बहुत अपार
तूं मालिक यारों का यार
करता है सबको एक जैसा प्यार
जिस पर तेरी रहमत वो हो जाता भवसागर से पार
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
#गुरु का वचन
गुरु का वचन अमृत की खान
गुरु संवार देता है दोनों जहान
ईश्वर से भी ऊंचा है गुरु का स्थान
गुरु ही देता नाम का दान
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला : सांबा, जम्मू कश्मीर
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...