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शनिवार, 12 नवंबर 2022

विनय‌

 #विनय 

सुनो विनय मेरे सतगुरु दीनदयाल हम तेरे ही भूले भटके लाल 

मुझ डूबते हुए को सहारा देकर तुमने कर दिया कमाल


स्वरचित एवं  मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 


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