#सतगुरू नानक
कार्तिक पूर्णिमा को सतगुरु नानक ने लिया अवतार
ऐसा लगता है आ गया है निरंकार लेकर आकार
सारा ब्रह्मांड कर रहा है सतगुरु तेरी जय जयकार
धरती भी गाती नजर आती आज मंगलाचार
आ गया है संसार का तारनहार
धन्य गुरू नानक तूँ ही निरंकार
सारी सृष्टि का तूँ ही पालनहार
जिस पर तेरी मेहर, हो जाता भवसागर से पार
लो अब दीन गरीबों की सार , तेरी टेक ही संसार का आधार
लुटाने आए तुम सब पर प्यार, ले अब मुझे भूले भटके को तार।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
ज़िला - सांबा, जम्मू कश्मीर
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