#धन्य गुरु नानक तूं ही निरंकार
सृष्टि पर ईश्वर करने आए परोपकार,
लिया गुरु नानक रूप में अवतार
तूने पापियों को भी लिया तार
तेरी दृष्टि पड़ने से हो जाते सब भवसागर से पार
सारा ब्रह्मांड तुझको गाता धन्य गुरु नानक तूं ही निरंकार
सृष्टि पर करने.........................
जात पात का भ्रम मिटाकर
सबको एक ईश्वर की संतान बताकर
सारे संसार में ज्ञान दीप जलाकर
सब वर्णों को एक बनाकर
सृष्टि पर करने.........................
कोढ़ी का कोढ़ मिटाकर
हृदय में भक्ति की ज्योति जगाकर
रोगियों को गले लगाकर
सब पर आए लौटने प्यार
सृष्टि पर करने.........................
ठगों को संत बनाकर
निरंकार की महिमा गाकर
मानवता का सबको पाठ पढ़ाकर
दुनिया पर किया महान परोपकार
सृष्टि पर करने.........................
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
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