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शनिवार, 6 अगस्त 2022

दया निधान

दया निधान शरण तुम्हारी मुक्ति का धाम

कण कण में बसता है तुम्हारा नाम 

पल में संवारते सबके काम 

मेरे हृदय में बस जाओ राम


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला सांबा जम्मू कश्मीर



स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला सांबा जम्मू कश्मीर इकाई 


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साधु-संत का संग

 साधु-संत का संग ,मिटाता कोटि पाप  वचन मान भक्ति कर, मिट जाता आपा भाव