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शुक्रवार, 5 अगस्त 2022

मेहर की बौछार

 मेहर की बौछार 

मालिक तेरे बंदे हम करो मेहर की बौछार

अबकी बार बख्श लो हम तेरा ही परिवार


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला- सांबा, जम्मू कश्मीर 

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साधु-संत का संग

 साधु-संत का संग ,मिटाता कोटि पाप  वचन मान भक्ति कर, मिट जाता आपा भाव