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बुधवार, 25 जून 2025

संत मीराबाई की गुरुभक्ति

 शीर्षक  - संत मीराबाई की गुरुभक्ति 

चित्तौड़ की रानी मीराबाई की गुरुभक्ति निराली थी 

गुरुभक्ति में लीन होकर लोकलाज छोड़ डाली थी 

गुरुभक्ति में लीन मीराबाई को सबने सताया था 

विष का प्याला भी उसका कुछ बिगाड़ न पाया था 

रोम रोम में उसके गुरुमंत्र समाया था 

गुरुभक्ति को ही जीवन का आधार बनाया था 

गुरू रविदास का  ध्यान  दिल से लगाती थी 

भजन सिमरन में सारा वक्त बिताती थी 

जात पात की बेडियाँ उसको रोक न पाई थी 

गुरुदेव ही उसके लिए बाप माई थी 

गुरुदेव संगति में उसने आत्मज्ञान को पाया था 

अपनी दृढ़ भक्ति से गुरुदेव को रिझाया था 

संत मीराबाई की गुरुभक्ति का यशगान सारा संसार गाता है 

मीराबाई के पदों को पढ़कर ध्यान गुरुभक्ति में लग जाता है। 


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

सांबा, जम्मू-कश्मीर 

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