#शहीद और उनका परिवार
भारत मां के लिए कुर्बान होना किस्मत की बात है
तेरी सुहागिन तेरे जाने से बहुत उदास है
कोई आंसू पोंछने आता नहीं है
तेरे बिना ढांढस कोई बांधता नहीं है ।।
मां बाप का रो रोकर बुरा हाल है
भारत माता के लिए कुर्बान हुआ वो मेरा इकलौता लाल है
बुढ़ापे की लाठी टूटने का नित दुख मनाते हैं
जवान बहु को सफेद साड़ी में देखकर आंसुओं की धारा बहाते हैं।।
बच्चों का भी रोना रूकता नहीं है
बिना बाप के जीना जीना नहीं है
कौन बच्चों को अब लाड़ प्यार करेगा
बगैर बाप के अब चलना मुश्किल पड़ेगा ।।
इतनी मुश्किलों के बाद भी परिवार सब सहन करेगा
शहीद की कुर्बानी पर हर सदस्य का मान बढ़ेगा
भारत भूमि के लिए सब कुर्बान करूंगा
अपने हर श्वास को तेरे नाम करूंगा।।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा जम्मू
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