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गुरुवार, 25 अगस्त 2022

बज़्म ( महफ़िल)

#बज़्म

वो बज़्म मुझे ना सुहाये एक रत्ती भर भी गुसाईं
जहां तेरा कोई जिक्र न हो मेरे प्रीतम स्वामी

स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर

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