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मंगलवार, 12 नवंबर 2024

मुलाकात

 मेरी मुलाकात जिन्दगी से, एक दिन  हो गई 

अपना सुख दुख बांट कर, वो जी भर रो गई ।

क्या खोया क्या पाया ,यही बताने में भी कहीं खो गई 

वो भी अपना दुखड़ा, मेरे सामने रो गई


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर 

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