सियासत में धर्म कर्म का हो जाता लोप,
सत्ता को पाने का सब में होता लोभ ।
एक दूसरे पर सब लगाते आरोप प्रत्यारोप,
तभी तो बन पाते है उनके वोट ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...
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