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शुक्रवार, 29 नवंबर 2024

बढ़ता प्रदूषण


 बढ़ता प्रदूषण कर रहा है जीवन को बेहाल ,

रोकने का अब करो ख्याल ,

प्रदूषण फैलाता रोगों का जाल ,

सबका हो गया बुरा हाल ।।

पेड़ पौधे  काटकर  मनुष्य बना बैठा होशियार, 

रोगों का सह रहा अब प्रहार,

सुखद जीवन हो गया दुश्वार ,

अब ढूंढ रहा उपचार ।।

प्रकृति से छेडछाड पड़ गई भारी ,

चारों ओर फैल गई प्रदूषण की भयंकर बीमारी,

प्रदूषण से तबाह हो रही दुनिया सारी ,

अब दिखा रहा है अपनी लाचारी।।


स्वरचित एवं  मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला - सांबा,जम्मू-कश्मीर 





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