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गुरुवार, 24 अक्टूबर 2024

गलियाँ

विषय गलियाँ

तेरी गलियाँ में आकर सुकून बहुत पाता हूँ ,

दुनियादारी के सब झंझट भूल जाता हूँ ।

तेरी याद में ही सब सुखों का आनंद उठाता हूँ ,

अपने आप को तेरा- तेरा कहता ,तेरा ही बन जाता हूँ।




स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

जिला सांबा,जम्मू-कश्मीर

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