विषय - हमारे जीवन में शिक्षक की भूमिका
शिक्षक ईश्वर तुल्य माना जाता,
जीवन जीने की नई राह दिखाता ।
अज्ञान की सब परतें हटाता,
ज्ञानवान हमें बनाता।
ज्ञान का सागर कहलाता,
ज्ञान के हीरे मोती हम पर लुटाता।
किसी से भेदभाव न करता,
मन के सारे भ्रम हरता।
निष्काम भाव से सेवा कमाता,
सब पर अपना प्रेम लुटाता।
शिक्षक ही पथप्रदर्शक कहलाता,
जीवन को सुखमय बनाने का राह दिखलाता।
गलती करने पर डांट फटकार लगाता,
सही राह पर चलने की सीख सिखाता।
शिक्षक ही शिष्य को सफल बनाता,
माता पिता जैसे ही प्यार लुटाता।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जम्मू कश्मीर, जम्मू
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