नमन मंच 🙏 🙏 🙏
विषय - शहीदे आजम भगत सिंह
विधा - छंदमुक्त कविता
देश भक्ति जिसके रोम रोम में समाई थी,
अंग्रेज़ों को भगाने की जिसने दिली इच्छा बनाई थी,
भगत सिंह ने अंग्रेजो का विरोध करने की नीति अपनाई थी,
प्राणों से प्यारी जिसको भारत की आज़ादी थी,
खतरों से खेलने की जिसने आदत बनाई थी,
ब्रिटिश संसद में जिसने बम विस्फोट से अंग्रेजी सरकार को जगाया था,
बम विस्फोट के माध्यम से अपना विरोध जताया था,
भारत माता के लाल ने अपना फर्ज खूब निभाया था,
आज़ादी की लड़ाई में सबको नया सबक पढ़ाया था,
फांसी को फंदे को अपना हार बनाया था,
भारत माता के चरणों में शीश चढ़ाकर अपना अंतिम कर्तव्य निभाया था
भारतीयों में आजादी के लिए मर मिटने का जोश जगाया था।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
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