शीर्षक - अब शरण तेरी आया हूं
अब शरण तेरी आया हूं राम
मेरे पूरे कर दो काम
रैन दिनस जपूं तेरा नाम
तेरे भक्त जन पग पहने मेरे तन की चाम
मुझे ले चलो प्यारे अपने धाम
मन भी बैठ जाएं करके विश्राम
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार सभी एक है परिवार बना ले इसको जीवन का आ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें