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गुरुवार, 16 मार्च 2023

दयानिधान

 दयानिधान अबकी बार तो लीजे उबार

शरण पड़ा मैं तेरे द्वार भवसागर से पार उतार

तू ही मेरा प्यारा यार सबसे बड़ा तेरा दरबार

तेरा नाम मेरा आधार पतित तारना तेरा व्यवहार 

स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर 

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