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बुधवार, 22 मार्च 2023

भवसागर से पार कर दो मेरी नैया

 शीर्षक - भवसागर से पार कर दो मेरी नैया 

हे दयानिधान,  हे सर्वशक्तिमान, हे करुणानिधि 

हे कृपासिंधु, हे दीन दयाल, हे गरीब नवाज़ 

भवसागर से पार कर दो मेरी नैया 

तेरे जैसे कोई नहीं है खेवैया 

 दुःख सुख के भाव को दूर भगाओ

अंतर तीर्थ में मन को निर्मल बनाओ 

पांच विकार गुर कृपा से दूर करो

प्रेम प्यार की भावना हृदय में भरो 

छल कपट से मुझे बचाओ

द्वार पड़े को गले से लगाओ 

मेरी बेड़ी को पार लगाओ 

हे प्रभु निजधाम मुझे जल्दी बुलाओ 


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर 

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