शीर्षक - सतगुरु तेरे दर्शन को जाऊं बलिहार
सतगुरु तेरे दर्शन को जाऊं बलिहार
मुझ पापी को भी तूने दिया तार
तेरी कृपा स्वामी अपरंपार
तेरी शरण आने वाला हो जाता भवसागर से पार
तूने ला दी मेरे जीवन में बसंत की बहार
पांच बैरी तेरी रहमत से गए हार
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू-कश्मीर
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