सतगुरु तेरी रहमत से पाया नाम निधान
तेरी कृपा से मालिक मुझ निमाने को भी मिल गया मान
तूं गुणी दाता सर्वशक्तिमान
मुझ निताने को तेरा ही तान
मेरे मुर्शिद तूं सब पर मेहरबान
हम सबको दें अपने चरणों में स्थान
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
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