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बुधवार, 29 मार्च 2023

मेरी कमजोरियों पर जग हंसता

 #शीर्षक - मेरी कमजोरियों पर जग हंसता 

हे मेरे प्राणों से प्यारे मालिक 

मेरी कमजोरियों पर जग हंसता 

तेरी कृपा से मैं कभी नहीं डरता

हमेशा आगे ही कदम रखता 

मुझे कभी मत अकेले छोड़ जाना 

तूं ही तो मेरा मान गुमाना

तेरे संग कारण ही सब की बातें सह पाऊं

बिन तेरे एक पल में ही मर जाऊं 

मेरी हर इच्छा को तूं ही करता परिपूर्ण

हे कृपासिंधु मुझे अपने में मिलाकर कर संपूर्ण 

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर ‌

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