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शनिवार, 1 अप्रैल 2023

नाम खजाना

 #शीर्षक -  नाम खजाना 

 नाम खजाना पाइये गुरु कृपा से भाई 

नाम खजाना पाकर मिट गई मन की भ्रमाई 

घट घट में अब गोविंद दिख आई 

सतगुरु पूरे मैं मेरी की हस्ती दी गंवाई

गृह मंदिर में हुई रोशनाई

सब राग साज दे बजाई 

ऐसी अपरंपार कृपा साईं बरसाई 

अंग अंग में बस गई प्रेम प्यार की गहराई 

सेवा सिमरन सत्संग की दात सतगुरु से पाई

तन मन की तृष्णा मालिक दी भगाई


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला सांबा, जम्मू कश्मीर 


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