शीर्षक - होलिका दहन
हरि सिमरन दुखहर्ता पहचान,
भक्ति से ही मिलता मान सम्मान
हिरण्यकश्यप दैत्य सुत प्रहलाद
श्वास श्वास में बस लिया जिसने अगम अगाध
हिरण्यकश्यप बहन होलिका जिस पाया वरदान
अधर्मी भाई का साथ निभाने का , जिसने लिया मन में ठान
प्रहलाद के रक्षक है स्वयं भगवान
हरि बास कण कण में है जिसने लिया मान
होलिका दहन का गवाह बना सारा जहान
भक्त की लाज युगों से बचाते आए हैं भगवान
प्रहलाद का बढ़ा दिया दोनों जहान में मान सम्मान
भक्त में हरि के बसते हैं प्राण ।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें