भोले बाबा माता पार्वती को ब्याहने चले
अपनी संगिनी बनाने चले
भोले बाबा माता पार्वती को ब्याहने चले.....................
देवों के महादेव जिनका अनोखा है वेष
शिव शंकर महादेवा
भोले बाबा माता पार्वती को ब्याहने चले.....................
तैंतीस करोड़ देवी देवता नित शीश झुकाते
वेद शास्त्र जिनकी महिमा है गाते
भोले बाबा माता पार्वती को ब्याहने चले.....................
देव , गंधर्व, भूत , प्रेत को ले चले अपनी बारात
सब ओर है सिर्फ खुशी और उल्लास
भोले बाबा माता पार्वती को ब्याहने चले.....................
अपने तन पर राख है लगाईं
सबने मिलकर शिवशक्ति की महिमा गाई
भोले बाबा माता पार्वती को ब्याहने चले.....................
होकर नन्दी पर सवार
गले में पहन लिया बासुकी का हार
भोले बाबा माता पार्वती को ब्याहने चले.....................
माता पार्वती से मिलन की शुभघड़ी आई
सबने मिलकर उमापति को दी है बधाई
भोले बाबा माता पार्वती को ब्याहने चले.....................
शिव शंकर माता एक होने की रात्रि आई
महाशिवरात्रि की सब को कोटि कोटि बधाई
भोले बाबा माता पार्वती को ब्याहने चले.....................
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा, जम्मू कश्मीर
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