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शनिवार, 26 फ़रवरी 2022

मेरी लाज रख लो दीनदयाल

 शीर्षक - तेरे दर पर आया हूं मेरी लाज रख लो दीनदयाल 

तेरे दर पर आया हूं मेरी लाज रख लो दीनदयाल 

मेरा कोई न सहारा राम 

तेरे दर पर आया हूं ............................

दर दर भटक कर आया हूं 

तेरी शरण मुक्ति के धाम 

तेरे दर पर आया हूं ............................

तेरा नाम अमृत को पा लूं

 विषय विकारों को तन मन से मिटा दूं 

तेरे दर पर आया हूं ............................ 

तेरे जनों की सतसंगति मैं जाऊं

अपने सगल पापों को धो आऊं

तेरे दर पर आया हूं ............................ 

तेरे बिना इस जग कोई नहीं मेरा अपना

यह सारा संसार है सपना 

तेरे दर पर आया हूं ............................


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला:  सांबा,  जम्मू कश्मीर 




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