शीर्षक - गुरु हरराय दयासागर
गुरु हरराय दयासागर पुरुष महान
बाबा गुरदिता माता निहाल कौर की होनहार संतान
नाम रस में हमेशा रहते मगन
ऐसी लगी उनको ईश्वर से लग्न
दया भाव है गुरु हरराय जी का गहना
सबको सिखाते ईश्वर के हुक्म में रहना
दुश्मन पर भी दया दिखाना
परिपूर्ण होते हुए भी विनम्रता में रहना
पशु पक्षियों पर भी दयासागर मेहरबान
सतगुरु हरराय जी के गुण गाता सगल ज़हान।
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
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