शीर्षक - गुरु रविदास जी
गुरु रविदास जी को नमन करता हूं बारंबार
सतगुरु तेरी वाणी ने कोटि-कोटि पापियों का ,
क्षण में किया उद्धार
गुरु रविदास जी को.........…........
गुरु रामानंद जी से नाम दीक्षा ली,
नाम का आठों पहर किया अभ्यास
नाम का प्रकाश चार दिशाओं में फैल रहा
ऐसे महान संत गुरु रविदास
गुरु रविदास जी को.........…........
संसार को नश्वर मानकर ,
मोह-माया का किया त्याग
अंतर हृदय में ही पा लिया,
प्रभु का प्रेम रस अपार
गुरु रविदास जी को.........…........
गृहस्थ जीवन में रहकर भजन कीर्तन करो
सबसे करो प्रेम प्यार
इस जग में कोई छोटा बड़ा नहीं
सब है एक ईश्वर की संतान
गुरु रविदास जी को.....................
अभिमान से हमेशा दूर रहें
करता समस्त पुण्यों का नाश
अमूल्य उपदेश गुरु रविदास
करता है संसार सागर से बेड़ा पार।
गुरु रविदास जी को.........…........
स्वरचित एवं मौलिक
अमरजीत सिंह
जिला - सांबा , जम्मू कश्मीर
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