फ़ॉलोअर

बुधवार, 2 फ़रवरी 2022

बसंत ऋतु

 शीर्षक - बसंत आया सखी

बसंत आया सखी हरियाली खुशहाली का  संदेश लाया

सूखे हुए पेड़ों पर नवयौवन फिर से लाया

निराशा से भरे हुए हृदय में आशा की किरण लाया

ऐसा मधुर संगीत सुनाने आया 

बसंत आया सखी...............

फिर से फल फूल में नवीन जीवन‌ की शुरुआत लाया

कुदरत की सुंदरता में चार चांद लगाने आया 

पीली पीली सरसों के फूल पर सोने का पानी चढ़ाने वाला 

हर मन‌ में खुशी का एहसास करने वाला महा उत्सव आया 

बसंत आया सखी...............

कोयल जब मधुर गीत सुनाती, हर दिल में अरमान‌ भर आता

खोये हुए सपनों को पुनः पाने का एहसास कराता

जीवन‌ के पल पल में नवस्फूर्ति का नवसंदेश लाता 

हर मन‌ में नव आशा का दीपक जलाता

बसंत आया सखी.....…..


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

सांबा, जम्मू कश्मीर











कोई टिप्पणी नहीं:

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...