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मंगलवार, 22 फ़रवरी 2022

तूं ही मेरा सहारा

 शीर्षक - तूं ही मेरा सहारा 

ओ सृष्टि कर्ता ,दुख हरता सब मनोरथ पूर्ण करने वाले 

सतगुरु परमेश्वर तूं ही मेरा सहारा

तूं लगता मुझ को सबसे प्यारा है 

ओ सृष्टि कर्ता ,दुख हरता........ ... ...........

घट घट में बसने वाले हर दिल की जाने वाले

हमारा रिश्ता तेरे से सबसे निराला

तेरे हुक्म में चलता ब्रह्मांड सारा है 

ओ सृष्टि कर्ता ,दुख हरता........ ... ...........

तेरे खेल में खेलता जग सारा 

प्रेम रंग में रंगा गीत  गाता 

तूं ही तो सिरजनहार हमारा

ओ सृष्टि कर्ता ,दुख हरता...........................

सारे आश्रय खत्म होने पर 

सब ओर से धक्के पड़ने पर 

एकमात्र बनता सबका तूं ही सहारा

ओ सृष्टि कर्ता ,दुख हरता........ ... ...........


स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला: सांबा ,   जम्मू कश्मीर




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