फ़ॉलोअर

शनिवार, 5 फ़रवरी 2022

बाबा दीप सिंह जी शहीद

 शीर्षक - बाबा दीप सिंह जी शहीद

बाबा दीप सिंह जी ने गुरु शब्द को सांस सांस कमाया

गुरसिख होने का हर कर्तव्य निभाया 

गुरु गोविंद सिंह जी महाराज से बहुत प्यार पाया

सतगुरु की सेवा को ही जीवन का उद्देश्य बनाया

गुरु  महाराज जी ने बाबा दीप सिंह जी को दमदमा साहिब का जत्थेदार बनाया

गुरु ग्रंथ साहिब जी के चार हस्तलिखित स्वरूपों को लिखवाया 

बाबा दीप सिंह जी ने विनम्रता को अपना गहना बनाया

अपनी निष्काम भाव सेवा से ईश्वर का हृदय में पाया

अब्दाली ने जब जुल्म कमाया अमृतसर सरोवर को मिट्टी से भरवाया

बाबा दीप सिंह जी खंडा उठाया पापियों को दंड देने का बेड़ा उठाया

 बाबा दीप सिंह का शीश युद्ध करते  धड़ से अलग हुआ  

बाबा दीप सिंह जी ने शीश हथेली पर रखकर युद्ध लड़ा 

हर अधर्मी को उसके पाप का दंड दिया 

अपना पावन‌ शीश गुरु रामदास जी के चरणों में समर्पित किया।

स्वरचित एवं मौलिक

अमरजीत सिंह

जिला -  सांबा , जम्मू कश्मीर





कोई टिप्पणी नहीं:

प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है

 शीर्षक: प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है प्रेम ही ईश्वर है ईश्वर ही प्रेम है सभी ग्रंथों का सार  सभी एक है परिवार  बना ले इसको जीवन का आ...