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गुरुवार, 24 जुलाई 2025

मन का उठना गिरना

 मन का उठना गिरना करता बेचैन 

आत्मा को कैसे मिले चैन 

विषय विकारों से भरे रहते नैन 

खात पीत ही बीत रहे दिन रैन 


स्वरचित एवं मौलिक 

अमरजीत सिंह 

सांबा ,जम्मू-कश्मीर 

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